बागेश्वर। उत्तराखंड साहित्यकार समिति की ओर से वसंत के आगमन पर गरुड़ में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवियों ने कविताओं के माध्यम से ऋतुराज वसंत का स्वागत किया।
काव्य गोष्ठी का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष मोहन जोशी ने मां सरस्वती की वंदना से किया। कवि मनोज खोलिया ने कविता की शुरुआत धरती का शृंगार करने ऋतुराज चला आया से की। वरिष्ठ कवि रमेश पांडे बृजवासी ने वसंत के मौसम का हाल बताते हुए वसंत में उड़नी य फाग, उठनी उमाव यस लगूंनी मन में आग... पर आधारित कविता सुनाई।
कवि मोहन जोशी ने जब तु यै छै य धरती उज्याणी य पौना सुवासिल वाणी, ऋतुराज वसंता ऋतुराज वसंता.. पंक्तियों से कविता शुरू की। समिति के महासचिव चंद्रशेखर बड़सीला ने वसंत पर कुछ इस प्रकार कविता सुनाई कर दे धरती शृंगार, भर दे ऋतुक भनार, तु छै सबुहै न्यार..। प्रसिद्ध हुड़का वादक नंद राम ने हुड़के की थाप पर ऋतुरैण, झौड़ा, चांचरी सुनाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।