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हिमालय के सटे आबादी वाले क्षेत्रों में शीतकाल का पहला हिमपात
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बागेश्वर के शामा में बर्फबारी का नजारा। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कपकोट। हिमालयी क्षेत्र से सटे इलाकों में बृहस्पतिवार रात जमकर बर्फबारी हुई। इन क्षेत्रों में आधे से एक फुट तक बर्फ गिरी है। ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी तो निचले इलाकों में रात को बारिश होती रही। कपकोट में पांच मिमी, बागेश्वर और गरुड़ में ढाई-ढाई मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इधर देर शाम कर्मी समेत अन्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में एक बार फिर बर्फबारी हुई।
बृहस्पतिवार शाम एकाएक मौसम ने करवट बदली। जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट, गरुड़ क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। रात में काफी तेज बारिश हुई। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट के झूनी, खलझूनी, लाहुर, मिकिला खलपट्टा और खाती गांव में लगभग आधा फुट बर्फ गिरी है। कर्मी, ढोक्टीगावं, तोली, बदियाकोट की ऊंची पहाड़ियों के साथ-साथ शामा, गोगिना, लीती, कीमू, रातिरकेटी, बदियाकोट कुंवारी, किलपारा में एक फुट तक हिमपात हुआ है। हिमालयी क्षेत्र से सटे गांवों में सुबह चारो ओर बर्फ की चादर बिछी नजर आई।
ताजा बर्फबारी और बारिश को रबी की फसल के लिए लाभकारी माना जा रहा है। पेठी के ग्राम प्रधान तारा सिंह देवली ने बताया कि इस मौसम में पहली बार बर्फ गिरी है। बारिश और बर्फबारी न होने से गेहूं, मसूर, चना, जौं, सरसों की खेती सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। बर्फ और बारिश से खेती को संजीवनी मिली है।
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कहां कितनी बारिश
कपकोट में 05 मिमी
बागेश्वर 2.5 मिमी
गरुड़ 2.5 मिमी
ताजा बारिश और बर्फबारी फसल के लिए लाभकारी है। काफी समय बाद बारिश और बर्फबारी होने से जमीन को नमी मिलेगी। - डॉ. कमल कुमार पांडेय कृषि वैज्ञानिक केवीके बागेश्वर
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बृहस्पतिवार शाम एकाएक मौसम ने करवट बदली। जिला मुख्यालय के साथ ही कपकोट, गरुड़ क्षेत्र में बारिश शुरू हो गई। रात में काफी तेज बारिश हुई। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कपकोट के झूनी, खलझूनी, लाहुर, मिकिला खलपट्टा और खाती गांव में लगभग आधा फुट बर्फ गिरी है। कर्मी, ढोक्टीगावं, तोली, बदियाकोट की ऊंची पहाड़ियों के साथ-साथ शामा, गोगिना, लीती, कीमू, रातिरकेटी, बदियाकोट कुंवारी, किलपारा में एक फुट तक हिमपात हुआ है। हिमालयी क्षेत्र से सटे गांवों में सुबह चारो ओर बर्फ की चादर बिछी नजर आई।
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ताजा बर्फबारी और बारिश को रबी की फसल के लिए लाभकारी माना जा रहा है। पेठी के ग्राम प्रधान तारा सिंह देवली ने बताया कि इस मौसम में पहली बार बर्फ गिरी है। बारिश और बर्फबारी न होने से गेहूं, मसूर, चना, जौं, सरसों की खेती सूखने की कगार पर पहुंच गई थी। बर्फ और बारिश से खेती को संजीवनी मिली है।
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कहां कितनी बारिश
कपकोट में 05 मिमी
बागेश्वर 2.5 मिमी
गरुड़ 2.5 मिमी
ताजा बारिश और बर्फबारी फसल के लिए लाभकारी है। काफी समय बाद बारिश और बर्फबारी होने से जमीन को नमी मिलेगी। - डॉ. कमल कुमार पांडेय कृषि वैज्ञानिक केवीके बागेश्वर

कपकोट के सुकुंडा में हुई बर्फबारी। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR