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मानसून की पहली बारिश ने ही मचा दी तबाही
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर/कपकोट/गरुड़।
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:37 PM IST
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गरुड़ सड़क के अड़ौली में भरा मलबा।
- फोटो : अमर उजाला
मानसून की पहली बारिश ने ही बागेश्वर जिले में तबाही मचा दी। सरयू, गोमती, खीरगंगा, गांसू नदियों के साथ ही सभी गाड़-गधेरे उफान पर आ गए। स्कूलों में आकस्मिक अवकाश घोषित हो गया। भूस्खलन और मलबा आने से जिले भर में 12 मोटर मार्ग बंद हो गए। कपकोट के नरगड़ा गांव में भूस्खलन के चलते दो मकानों के आंगन में दरार आ गई। एहतियातन दोनों परिवारों को पंचायत भवन में शिफ्ट कर दिया गया। रैथल में उफनाई सरयू की चपेट में आकर सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि बह गई।
जिले में रविवार देर रात मानसून की पहली बारिश शुरू हुुई। रात भर आसमान से खूब पानी बरसा। नतीजतन, सोमवार सुबह से ही सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया। बारिश के बाद सूखी बैजनाथ झील में भी पानी भर गया। जिले के राज्यमार्ग, आंतरिक मोटर मार्ग और ग्रामीण मार्गों पर जगह-जगह मलबा आया। इससे सड़कों पर आवाजाही बाधित हो गई।
इधर, कपकोट में मूसलाधार बारिश के बीच ग्राम पंचायत नरगड़ा में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के चलते गांव में दो मकानों के आंगन धंस गए। प्रभावित लाल सिंह और गोपाल सिंह के परिवारों को गांव के पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया। फरसाली में पूरन गिरी, पान सिंह का शौचालय, अमर राम, चौड़ा में मोहन राम की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। गोगिना में डिकर राम के मकान में दरार आ गई।
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रैथल में सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि उफनाई सरयू की भेंट चढ़ गई। मुख्यालय में कांडा-पिथौरागढ़ रोड में घिंघारूतोला के पास चीड़ का पेड़ टूटकर सड़क पर जा गिरा। इससे यातायात कुछ देर बाधित रहा। पोलिंग गांव में सरयू पर बने झूला पुल को जोड़ने वाली करीब 40 मीटर लंबी एप्रोच दीवार टूट गई। गडेरा गांव में भू-स्खलन से तीन लोगों के घरों को भूस्खलन से खतरा हो गया है। स्वास्थ्य केंद्र नौकोड़ी को जोड़ने वाली पगडंडी क्षतिग्रस्त हो गई है।
किरौली में कवींद्र सिंह, गोलना के भरत सिंह, फरसाली पल्ली केे गणेश मर्तोलिया के घर के आंगन, ब्लाक प्रमुख मनोहर राम के आंगन, भेंसूड़ी के लछम सिंह के मकान के आगे और पीछे की दीवार, जाजर के हरीश चंद्र के मकान के पीछे भूस्खलन, फरसाली लिंक सड़क का पानी अमर राम के घर में घुसने से मकान को खतरा, फरसाली के विशन राम के मकान के आगे पीछे भूस्खलन, चौड़ा के मोहन राम के घर की दीवार, फरसाली के हरीश गिरी के मकान के पीछे भूस्खलन, कपकोट के मनोज के घर के पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रभावितों ने क्षति की शीघ्र भरपाई करने की मांग की है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, जीवन शाही आदि ने प्रशासन से मौका मुआयना करके मलबे से हो रहे खेतों के नुकसान की भरपाई करने, मलबा हटाकर नदी के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराने की मांग की है।
उधर खीरगंगा की तेज धारा ने हिचौड़ी में खीरगंगा और सरयू के संगम की ओर जाने वाली सीमेंट कंक्रीट की पगडंगी का बड़ा हिस्सा काट दिया है। नगर पंचायत के ऐठाण वार्ड के कुजगाड़ी गधेरे के उफनाने से पैदल पुल की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। लोगों ने प्रशासन से पुल की सुरक्षा के शीघ्र पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
जिले में बंद सड़क मार्ग
कपकोट-पिंडारी ग्लेशिर मार्ग, सौंग-खलीधार, भानी-हरसिंग्याबगड़, कपकोट-शामा-तेजम, भयू-गडेरा, भयू-गुलेर, बैजनाथ-बागेश्वर, कपकोट-पोथिंग, धरमघर-मझखेत, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकुरी, रेखाई-बाछम।
जिले में बारिश का स्तर
बागेश्वर - 42.5 एमएम
कपकोट - 195 एमएम
गरुड़- 12.5 एमएम
बारिश से काश्तकारों को मिली राहत
तहसील क्षेत्र में रविवार रात हुई बारिश से काश्तकारों को कुछ राहत मिली। देवनाई घाटी में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से गरुड़ गंगा का जलसतर बढ़ गया। सोमवार को दिन भर उमस रही।
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जिले में रविवार देर रात मानसून की पहली बारिश शुरू हुुई। रात भर आसमान से खूब पानी बरसा। नतीजतन, सोमवार सुबह से ही सरयू और गोमती का जलस्तर काफी बढ़ गया। बारिश के बाद सूखी बैजनाथ झील में भी पानी भर गया। जिले के राज्यमार्ग, आंतरिक मोटर मार्ग और ग्रामीण मार्गों पर जगह-जगह मलबा आया। इससे सड़कों पर आवाजाही बाधित हो गई।
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इधर, कपकोट में मूसलाधार बारिश के बीच ग्राम पंचायत नरगड़ा में भूस्खलन हो गया। भूस्खलन के चलते गांव में दो मकानों के आंगन धंस गए। प्रभावित लाल सिंह और गोपाल सिंह के परिवारों को गांव के पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया। फरसाली में पूरन गिरी, पान सिंह का शौचालय, अमर राम, चौड़ा में मोहन राम की गोशाला क्षतिग्रस्त हो गई। गोगिना में डिकर राम के मकान में दरार आ गई।
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रैथल में सैकड़ों नाली उपजाऊ भूमि उफनाई सरयू की भेंट चढ़ गई। मुख्यालय में कांडा-पिथौरागढ़ रोड में घिंघारूतोला के पास चीड़ का पेड़ टूटकर सड़क पर जा गिरा। इससे यातायात कुछ देर बाधित रहा। पोलिंग गांव में सरयू पर बने झूला पुल को जोड़ने वाली करीब 40 मीटर लंबी एप्रोच दीवार टूट गई। गडेरा गांव में भू-स्खलन से तीन लोगों के घरों को भूस्खलन से खतरा हो गया है। स्वास्थ्य केंद्र नौकोड़ी को जोड़ने वाली पगडंडी क्षतिग्रस्त हो गई है।
किरौली में कवींद्र सिंह, गोलना के भरत सिंह, फरसाली पल्ली केे गणेश मर्तोलिया के घर के आंगन, ब्लाक प्रमुख मनोहर राम के आंगन, भेंसूड़ी के लछम सिंह के मकान के आगे और पीछे की दीवार, जाजर के हरीश चंद्र के मकान के पीछे भूस्खलन, फरसाली लिंक सड़क का पानी अमर राम के घर में घुसने से मकान को खतरा, फरसाली के विशन राम के मकान के आगे पीछे भूस्खलन, चौड़ा के मोहन राम के घर की दीवार, फरसाली के हरीश गिरी के मकान के पीछे भूस्खलन, कपकोट के मनोज के घर के पीछे की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रभावितों ने क्षति की शीघ्र भरपाई करने की मांग की है। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, जीवन शाही आदि ने प्रशासन से मौका मुआयना करके मलबे से हो रहे खेतों के नुकसान की भरपाई करने, मलबा हटाकर नदी के दोनों ओर बाढ़ सुरक्षा के कार्य कराने की मांग की है।
उधर खीरगंगा की तेज धारा ने हिचौड़ी में खीरगंगा और सरयू के संगम की ओर जाने वाली सीमेंट कंक्रीट की पगडंगी का बड़ा हिस्सा काट दिया है। नगर पंचायत के ऐठाण वार्ड के कुजगाड़ी गधेरे के उफनाने से पैदल पुल की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। लोगों ने प्रशासन से पुल की सुरक्षा के शीघ्र पुख्ता इंतजाम करने को कहा है।
जिले में बंद सड़क मार्ग
कपकोट-पिंडारी ग्लेशिर मार्ग, सौंग-खलीधार, भानी-हरसिंग्याबगड़, कपकोट-शामा-तेजम, भयू-गडेरा, भयू-गुलेर, बैजनाथ-बागेश्वर, कपकोट-पोथिंग, धरमघर-मझखेत, कपकोट-कर्मी, शामा-नौकुरी, रेखाई-बाछम।
जिले में बारिश का स्तर
बागेश्वर - 42.5 एमएम
कपकोट - 195 एमएम
गरुड़- 12.5 एमएम
बारिश से काश्तकारों को मिली राहत
तहसील क्षेत्र में रविवार रात हुई बारिश से काश्तकारों को कुछ राहत मिली। देवनाई घाटी में एक घंटे तक मूसलाधार बारिश होने से गरुड़ गंगा का जलसतर बढ़ गया। सोमवार को दिन भर उमस रही।