फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Farmer's fate will change with ten thousand rupees per kilo

दस हजार रुपये प्रति किलो की कुटकी से बदलेगी किसानों की तकदीर

Wed, 29 Aug 2018 11:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Wed, 29 Aug 2018 11:11 PM IST
विज्ञापन
Farmer's fate will change with ten thousand rupees per kilo
कुटकी पौंधा - फोटो : अमर उजाला
उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली कुटकी नामक जड़ी बूटी का उत्पादन कपकोट के कर्मी, गोगिना गांवों में होगा। कुटकी के उत्पादन के लिए गढ़वाल विश्वविद्यालय आगे आया है। प्रथम चरण में इन दो गांवों को चयनित किया गया है। 10 हजार प्रति किलो में बिकने वाली कुटकी उत्पादन से किसानों की तकदीर बदल सकती है। 
विज्ञापन


गढ़वाल विवि के उच्च शिखरीय पादप शोध केंद्र ने जड़ी बूटी उत्पादन के लिए कपकोट के इन दो गांवों को चयनित किया है। भारत सरकार के नेशनल मिशन ऑन हिमालयन स्ट्डीज परियोजना के तहत यह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत विलुप्त हो रही जड़ी बूटियों को पुनर्जीवित करने के साथ ही किसानों को जड़ी बूटी उत्पादन के लिए प्रेरित किया जाएगा। विलुप्त हो रही 15 प्रजाति की जड़ी बूटी को इसके लिए चयनित किया गया है। कुटकी की पांच हजार पौध कर्मी, गोगिना के किसानों को वितरित की जाएगी। 
विज्ञापन

 
कई बीमारियों में लाभकारी है कुटकी             
बागेश्वर। डायबिटीज, किडनी रोग, हृदय रोग, कब्ज, बुखार सहित अन्य बीमारियों में कुटकी लाभकारी है। कुटकी का पौधा उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है। किसान इसका दोहन हिमालयी क्षेत्र से ही करते रहे हैं। ऐसे में कुटकी लुप्त होने की कगार पर है।        
विज्ञापन
विज्ञापन

किसानों की आय में होगा इजाफा             
बागेश्वर। कुटकी के उत्पादन से किसानों की आय में इजाफा होगा। गढ़वाल विश्वविद्यालय के कृषि वैैैज्ञानिक डॉ. बीएस मेंगवाल ने बताया कि कुटकी का पूरा पौधा, जड़, पत्ती, तना औषधीय गुणों से भरपूर है। बाजार में इसकी अच्छी मांग है। दस हजार रुपये प्रति किलो तक कुटकी बाजार में बिक रही है।        

कोट         
गढ़वाल विवि ने लुप्त हो रही कुटकी के उत्पादन, कृषिकरण के लिए कर्मी, गोगिना गांवों को चुना है। इन गांवों का वातावरण बेहतर है। 30, 31 अगस्त को पांच हजार से अधिक पौध किसानों में वितरित की जाएगी।  
- बीएस मेंगवाल, वैज्ञानिक, गढ़वाल विश्वविद्यालय             
       
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed