बागेश्वर। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लक्ष्मी दत्त कांडपाल राइंका लोहारचौंरा में नवाचारी शिक्षा के तहत आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को चित्रों के माध्यम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन दर्शन की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों का कागज और गत्ते की मदद से मानव शरीर की संरचना और अन्य विज्ञान के मॉडल बनाने का प्रशिक्षण भी दिया गया।
कार्यक्रम का आयोजन अजीमजी प्रेमजी फाउंडेशन की ओर से किया गया। विभिन्न विद्यालयों के 183 छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में भागीदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉ. हरेंद्र सिंह रावल ने किया। पहले चरण में शिक्षक हरीश चंद्र जोशी ने विद्यालय में होने वाली दो प्रार्थनाओं को कुमाऊंनी में संगीतबद्ध कर प्रस्तुत किया। दूसरे चरण में छात्र-छात्राओं को बापू के सौ चित्रों के माध्यम से उनके बचपन, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, पारिवारिक जीवन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। तीसरे चरण में राजूहा रौल्यांना के प्रधानाध्यापक नीरज पंत और राजूहा भिटारकोट के शिक्षक भुवन डसीला के नेतृत्व में बच्चों को आठ समूह में विभाजित कर मानव शरीर की संरचना के मॉडल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। वहां पर शिक्षक गणेश चंद्र पांडेय, नवीन सिंह चौहान, मेघ सिंह, हिमानी जोशी आदि थीं।