{"_id":"6910e0ee496ef64fea0d4634","slug":"even-on-the-state-foundation-day-people-continued-their-hunger-strike-in-chaukhutia-bageshwar-news-c-232-1-shld1002-136235-2025-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: राज्य स्थापना दिवस पर भी चौखुटिया में अनशन पर डटे रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: राज्य स्थापना दिवस पर भी चौखुटिया में अनशन पर डटे रहे लोग
Mon, 10 Nov 2025 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 10 Nov 2025 12:13 AM IST
विज्ञापन
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। राज्य स्थापना दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर रामगंगा आरती घाट पर 39वें दिन भी आमरण अनशन जारी रहा। आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाकर विरोध जताया।
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि चौखुटिया में डॉक्टरों की भारी कमी है। अस्पताल में संसाधनों का अभाव है। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति करने के साथ ही संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था, वह आज भी अधूरा है। जनता को बेहतर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाएं देने का वादा किया गया था लेकिन आज भी लोग इलाज के लिए तरस रहे हैं। जब तक गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बनती तब तक पहाड़ की दशा और दिशा में बदलाव असंभव है। रविवार को ललित नैलवाल चौथे दिन भी आमरण अनशन पर डटे रहे। परमानंद कांडपाल, ललिता बिष्ट, कुंवर सिंह, मनोज बिष्ट, भगवत रावत, कृपाल सिंह, दिनेश जोशी, बचे सिंह, बालम सिंह क्रमिक धरने पर बैठे।
विज्ञापन
धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि चौखुटिया में डॉक्टरों की भारी कमी है। अस्पताल में संसाधनों का अभाव है। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार से अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति करने के साथ ही संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ था, वह आज भी अधूरा है। जनता को बेहतर शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाएं देने का वादा किया गया था लेकिन आज भी लोग इलाज के लिए तरस रहे हैं। जब तक गैरसैंण स्थायी राजधानी नहीं बनती तब तक पहाड़ की दशा और दिशा में बदलाव असंभव है। रविवार को ललित नैलवाल चौथे दिन भी आमरण अनशन पर डटे रहे। परमानंद कांडपाल, ललिता बिष्ट, कुंवर सिंह, मनोज बिष्ट, भगवत रावत, कृपाल सिंह, दिनेश जोशी, बचे सिंह, बालम सिंह क्रमिक धरने पर बैठे।
विज्ञापन