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Bageshwar News: सीएचसी कपकोट में लगा ईटीपी प्लांट
Sat, 26 Oct 2024 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 26 Oct 2024 11:35 PM IST
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बागेश्वर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कपकोट में ईटीपी (एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) का संचालन शुरू हो गया है। प्लांट की मदद से अब अस्पताल के दूषित जल को शुद्ध करके प्रयोग किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में ईटीपी प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है। इस प्लांट के माध्यम से अपशिष्ट और बेकार पानी का शोधन कर के दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। अस्पताल से निकलने वाले दूषित जल में मौजूद हानिकारक रसायन और जीवाणुओं को हटाने के लिए ईटीपी प्लांट मददगार होगा। अस्पतालों से भारी मात्रा में लिक्विड वेस्ट से गंदा पानी निकलता है, जो बाद में नालों में चला जाता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों से मवाद, खून से तरल गंदगी और संक्रमित पानी निकलता है, जो सीवेज लाइन से नालियों में बह जाता है। अस्पतालों से निकलने वाला यह पानी संक्रमित होता है। इससे चर्म रोग, कैंसर सहित अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया की अस्पताल परिसर में जांच और अन्य कार्यों के बाद दूषित जल नालियों में नहीं बहेगा। प्लांट की मदद से फिल्टर पानी को पीने के अलावा अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग ने सीएचसी में ईटीपी प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है। इस प्लांट के माध्यम से अपशिष्ट और बेकार पानी का शोधन कर के दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। अस्पताल से निकलने वाले दूषित जल में मौजूद हानिकारक रसायन और जीवाणुओं को हटाने के लिए ईटीपी प्लांट मददगार होगा। अस्पतालों से भारी मात्रा में लिक्विड वेस्ट से गंदा पानी निकलता है, जो बाद में नालों में चला जाता है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पतालों से मवाद, खून से तरल गंदगी और संक्रमित पानी निकलता है, जो सीवेज लाइन से नालियों में बह जाता है। अस्पतालों से निकलने वाला यह पानी संक्रमित होता है। इससे चर्म रोग, कैंसर सहित अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया की अस्पताल परिसर में जांच और अन्य कार्यों के बाद दूषित जल नालियों में नहीं बहेगा। प्लांट की मदद से फिल्टर पानी को पीने के अलावा अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाएगा।
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