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घर लौटे प्रवासियों का सहारा बने पूर्व सैनिक गोविंद
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गरुड़ के घांघली में प्रवासियों के साथ गोविंद गिरी गोस्वामी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कोरोना काल में बेरोजगार हुए प्रवासियों के दर्द ने एक सेवानिवृत्त पूर्व सैनिक को ऐसा झकझोरा कि उन्होंने अपने संस्थान में प्रमुखता से प्रवासियों को रोजगार देने का निर्णय ले लिया। आज उनके मोटर गैराज और रेस्टोरेंट में चार प्रवासी काम कर रहे हैं।
सेना में 18 वर्ष की सेवा के बाद गरुड़ के घांघली निवासी गोविंद गिरी गोस्वामी वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए। इसी साल फरवरी में उन्होंने गरुड़ से छह किमी दूर घांघली में अपना गैराज और रेस्टोरेंट खोला लेकिन मार्च में लॉकडाउन के चलते दोनों प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। अनलॉक में जब मई में गैराज और रेस्टोरेंट खुलने के आदेश हुए तो उन्होंने दिल्ली से लौटे शेफ बबलू जोशी और हरिद्वार से लौटे सूरज जोशी को रेस्टोरेंट में नौकरी दी जबकि दिल्ली से लौटे प्रवासी धरम गिरी और हरिद्वार से लौटे हेम गिरी को गैराज में काम दिया। प्रवासी नीरज गोस्वामी और गणेश गिरी उनके गैराज में मोटर मैकेनिक का काम सिखा रहे हैं। लोग गोस्वामी के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
युवाओं को देंगे सेना भर्ती का प्रशिक्षण
बागेश्वर। गोविंद गिरी गोस्वामी बताया कि वह क्षेत्र के गांवों में जाकर युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित कर उन्हें भर्ती का प्रशिक्षण देंगे, ताकि सेना में जाने के इच्छुक युवा पूरी तैयारी के साथ भर्ती में शामिल हो सकें।
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बेकरी और मसाला चक्की की ओर बढ़ा रुझान
अल्मोड़ा। लॉकडाउन के बाद लौटे प्रवासी गांवों में लघु उद्योग से जुड़ रहे हैं। उद्योगों से जुड़ने के लिए लॉकडाउन के बाद जिले में विभिन्न व्यवसाय के लाइसेंस के आवेदकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्रवासियों ने मसाला चक्की और बेकरी के लिए काफी संख्या में आवेदन किया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया जिले में लॉकडाउन के बाद से एफएसएसएआई के तहत बेकरी और मसाला चक्की के लिए कुल 53 लोगों ने आवेदन किए हैं। पूर्व में कई बार महीनों तक भी आवेदन नहीं आते थे। इन दिनों आवेदकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
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सेना में 18 वर्ष की सेवा के बाद गरुड़ के घांघली निवासी गोविंद गिरी गोस्वामी वर्ष 2018 में सेवानिवृत्त हुए। इसी साल फरवरी में उन्होंने गरुड़ से छह किमी दूर घांघली में अपना गैराज और रेस्टोरेंट खोला लेकिन मार्च में लॉकडाउन के चलते दोनों प्रतिष्ठान बंद करने पड़े। अनलॉक में जब मई में गैराज और रेस्टोरेंट खुलने के आदेश हुए तो उन्होंने दिल्ली से लौटे शेफ बबलू जोशी और हरिद्वार से लौटे सूरज जोशी को रेस्टोरेंट में नौकरी दी जबकि दिल्ली से लौटे प्रवासी धरम गिरी और हरिद्वार से लौटे हेम गिरी को गैराज में काम दिया। प्रवासी नीरज गोस्वामी और गणेश गिरी उनके गैराज में मोटर मैकेनिक का काम सिखा रहे हैं। लोग गोस्वामी के प्रयासों की सराहना कर रहे हैं।
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युवाओं को देंगे सेना भर्ती का प्रशिक्षण
बागेश्वर। गोविंद गिरी गोस्वामी बताया कि वह क्षेत्र के गांवों में जाकर युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित कर उन्हें भर्ती का प्रशिक्षण देंगे, ताकि सेना में जाने के इच्छुक युवा पूरी तैयारी के साथ भर्ती में शामिल हो सकें।
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बेकरी और मसाला चक्की की ओर बढ़ा रुझान
अल्मोड़ा। लॉकडाउन के बाद लौटे प्रवासी गांवों में लघु उद्योग से जुड़ रहे हैं। उद्योगों से जुड़ने के लिए लॉकडाउन के बाद जिले में विभिन्न व्यवसाय के लाइसेंस के आवेदकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। प्रवासियों ने मसाला चक्की और बेकरी के लिए काफी संख्या में आवेदन किया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने बताया जिले में लॉकडाउन के बाद से एफएसएसएआई के तहत बेकरी और मसाला चक्की के लिए कुल 53 लोगों ने आवेदन किए हैं। पूर्व में कई बार महीनों तक भी आवेदन नहीं आते थे। इन दिनों आवेदकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।