फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   electricity supply of 23 bsnl towers to be disconnected from today

बीएसएनएल नहीं कर पाया उधारी चुकाने का इंतजाम

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Mar 2020 12:06 AM IST
विज्ञापन
electricity supply of 23 bsnl towers to be disconnected from today
बागेश्वर। बीएसएनएल ऊर्जा निगम की बकाया राशि भुगतान करने के लिए पैसे का इंतजाम नहीं कर पाया। ऐसे में शनिवार से जिले के 23 टॉवरों की बिजली कटने में मात्र एक दिन का समय शेष रह गया है। यदि इन टावरों की बत्ती गुल होती है तो जिला मुख्यालय के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बीएसएनएल की सेवा पूरी तरह चरमरा जाएगी। लोगों को निजी संचार कंपनियों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
विज्ञापन

आठ मोबाइल टावरों की बिजली कटने के बाद भी भारत सरकार की संचार कंपनी बीएसएनएल बिजली का बकाया चुकाने के लिए रकम का इंतजाम नहीं कर पाया है। 23 कनेक्शन और कटने के कगार पर हैं। बीएसएनएल के पास ऊर्जा की वैकल्पिक व्यवस्था के भी साधन नहीं हैं। बीएसएनएल के जूनियर टेलीकांम आफीसर (जेटीओ) हेमंत जोशी का कहना है कि बिजली बकाया चुकाने के लिए रकम मांगी गई है। अब तक रकम नहीं मिली है।
विज्ञापन

बता दें कि यूपीसीएल ने 23 मोबाइल टावरों बकाया भुगतान के लिए बीएसएनएल को 13 मार्च तक का समय दिया है। यह मियाद शुक्रवार को समाप्त हो जाएगी। यूपीसीएल के ईई भाष्कर पांडे के अनुसार 14 मार्च से इन टावरों के बिजली के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इन टावरों पर सात हजार रुपये से डेढ़ लाख तक का बकाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

-
इन टावरों की कटेगी बिजली
बिजली बिल बकाया वाले टावरों में नियर डिग्री कॉलेज कठायतबाड़ा, काफलीगैर, दोफाड़, लीती, कर्मी, जौलकांडे, हरसिला, कपकोट, कमेड़ीदेवी, शामा, घिघारतोला, सानिउडियार, कांडा, बिलौना, सूपी, चौड़ास्थल, हवनतोली, जेठाई, बुड़घुना, गरुड़, तहसील रोड, चौरासी नुमाइशखेत, गरुड़ का टावर शामिल हैं।

वैकल्पिक व्यवस्था के भी नहीं हैं इंतजाम
बागेश्वर। बीएसएनएल के पास बिजली के कनेक्शन कटने की स्थिति में टावरों को संचालित करने के लिए ऊर्जा की वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था के सवाल पर वह बीएसएनएल के जेटीओ हेमंत जोशी कहते हैं कि टावरों में जनरेटर तो हैं लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष से जनरेटर चलाने के लिए डीजल भी नहीं मिला, इस कारण अधिकांश जनरेटर ठीक हालत में नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed