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मूर्ति विसर्जन के साथ दुर्गा महोत्सव का समापन
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बागेश्वर के देवी महोत्सव में शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला मुख्यालय में कोरोना महामारी के चलते प्रतीकात्मक रूप से मनाया जा रहा दुर्गा और देवी महोत्सव का मूर्ति विसर्जन के साथ समापन हो गया है। पूजा समिति और श्रद्धालुओं ने नगर क्षेत्र में शोभायात्रा निकालकर मां दुुर्गा के जयकारे लगाए।
रविवार को दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा महोत्सव में सरयू से कलशों में गंगा जल भरकर मां दुर्गा की मूर्ति को अर्पित किया गया। विधिवत पूजा करने के बाद नगर में शोभा यात्रा निकाली गई। इस वर्ष कोविड के चलते पूरे नगर क्षेत्र का भ्रमण नहीं किया गया। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ भी सीमित थी। इसके बाद बह्मकपाली पत्थर पर मां दुर्गा की मूर्ति के साथ मां के नव स्वरूप, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, कार्तिकेय, गणेश जी के चित्रात्मक मूर्ति विसर्जित किए गए। इस दौरान समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर वर्मा, ज्योति कांडपाल, चंद्रा उपाध्याय, कमला भैंसोड़ा, गीता रावल, जया उपाध्याय, गोविंद लाल साह जगाती, जया जोशी, जगदीश नारायण आदि मौजूद थे।
इधर, नगर पूजा समिति की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक देवी महोत्सव में मां दुर्गा की मूर्ति के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। समिति ने शुंभ-निशुुंभ का पुतला दहन करने के बाद मां दुर्गा समेत मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, कार्तिकेय, गणेश जी की मूर्तियों को विसर्जित किया। महोत्सव को संपन्न कराने में समिति के अध्यक्ष प्रशांत सिंह मलड़ा, संयोजक राजेंद्र उपाध्याय, पुष्कर साह, कमल नेगी, जीवन तिवारी, पूरन लटवाल आदि ने सहयोग दिया। वहीं, काफलीगैर क्षेत्र के जोशी गांव के लोग मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने के लिए सरयू तट पर पहुंचे। मुख्य यजमान संदीप कांडपाल, ओम प्रकाश लोहमी आदि ने मूर्ति का विसर्जन किया।
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कांडा के दशहरा मेले पर पड़ी कोरोना की मार
कांडा। कांडा पड़ाव के मां कालिका मंदिर में होने वाले भव्य दशहरा मेले पर इस वर्ष कोरोना महामारी की भारी मार पड़ी है। मेला समिति ने परंपरा को निभाने के लिए कोरोना की गाइडलाइन का पालने करते हुए मेले का आयोजन किया। रविवार को मेले में पहुंचे लोगों ने मां के दर्शन कर सुख, समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस वर्ष मेले में काफी कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पिछले बार तक दशहरा मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।
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रविवार को दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गा महोत्सव में सरयू से कलशों में गंगा जल भरकर मां दुर्गा की मूर्ति को अर्पित किया गया। विधिवत पूजा करने के बाद नगर में शोभा यात्रा निकाली गई। इस वर्ष कोविड के चलते पूरे नगर क्षेत्र का भ्रमण नहीं किया गया। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ भी सीमित थी। इसके बाद बह्मकपाली पत्थर पर मां दुर्गा की मूर्ति के साथ मां के नव स्वरूप, मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, कार्तिकेय, गणेश जी के चित्रात्मक मूर्ति विसर्जित किए गए। इस दौरान समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर वर्मा, ज्योति कांडपाल, चंद्रा उपाध्याय, कमला भैंसोड़ा, गीता रावल, जया उपाध्याय, गोविंद लाल साह जगाती, जया जोशी, जगदीश नारायण आदि मौजूद थे।
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इधर, नगर पूजा समिति की ओर से आयोजित प्रतीकात्मक देवी महोत्सव में मां दुर्गा की मूर्ति के साथ शोभा यात्रा निकाली गई। समिति ने शुंभ-निशुुंभ का पुतला दहन करने के बाद मां दुर्गा समेत मां सरस्वती, मां लक्ष्मी, कार्तिकेय, गणेश जी की मूर्तियों को विसर्जित किया। महोत्सव को संपन्न कराने में समिति के अध्यक्ष प्रशांत सिंह मलड़ा, संयोजक राजेंद्र उपाध्याय, पुष्कर साह, कमल नेगी, जीवन तिवारी, पूरन लटवाल आदि ने सहयोग दिया। वहीं, काफलीगैर क्षेत्र के जोशी गांव के लोग मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने के लिए सरयू तट पर पहुंचे। मुख्य यजमान संदीप कांडपाल, ओम प्रकाश लोहमी आदि ने मूर्ति का विसर्जन किया।
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कांडा के दशहरा मेले पर पड़ी कोरोना की मार
कांडा। कांडा पड़ाव के मां कालिका मंदिर में होने वाले भव्य दशहरा मेले पर इस वर्ष कोरोना महामारी की भारी मार पड़ी है। मेला समिति ने परंपरा को निभाने के लिए कोरोना की गाइडलाइन का पालने करते हुए मेले का आयोजन किया। रविवार को मेले में पहुंचे लोगों ने मां के दर्शन कर सुख, समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। इस वर्ष मेले में काफी कम संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पिछले बार तक दशहरा मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते थे।