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मंगरूधारा सूखा और सरूवाटनौल में हुआ पानी कम
ब्यूरो/अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Tue, 21 Jun 2016 12:52 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। ग्राम पंचायत कपकोट का पौराणिक मंगरूधारा का पानी सूखने लगा है, वहीं सरूवाटनौल में भी पानी काफी कम हो गया है। दोनों जलस्रोतों में पानी कम होने और गांव में पानी का अन्य स्रोत नहीं होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन स्रोतों में पानी कम होने का कारण कपकोट राकसी नहर बंद होना बताया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय से मानसून नहीं पहुंचा तो उनकी समस्या और भी बढ़ जाएगी।
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मालूम हो कि ग्राम पंचायत का पौराणिक मंगरूधारा में कभी पानी की इतनी कमी नहीं रही। इस बार सूखे ने रबी फसल के साथ मंगरूधारे को भी अपने चपेट में ले लिया, जबकि सरूवाटनौल जल स्रोत को सूखे और कपकोट राकसी नहर के बंद होने से पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। धरखोला के सामाजिक कार्यकर्ता आनंद कपकोटी ने बताया कि पेयजल संस्थान योजना बरसात के मौसम में बेलंग में बाढ़ आने के कारण प्रभावित हो जाती है।
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नलों में पानी नहीं आने से ग्रामीण इन्हीं जलस्रोतों पर आधारित रहते हैं। नगर पंचायत क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग इन्हीं धारों से अपनी प्यास बुझाते हैं। उन्होंने कहा कि पौराणिक धारों में पानी की मात्रा नहीं बढ़ी तो हर किसी को कई परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। उन्होंने ग्राम प्रधान और बीडीसी सदस्य से अभी से वैकल्पिक इंतजाम करने को कहा है। ब्यूरो
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