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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   drinking water crisis intensifies in Dhuraphat and Reethagad area of bageshwar as soon as summer arrives

Bageshwar: स्रोत हैं...पानी है...फिर भी बूंद-बूंद की परेशानी है, यहां गर्मी आते ही गहराने लगता है पेयजल संकट

Fri, 28 Mar 2025 12:54 PM IST
हीरा मेहरा नरेंद्र रावत, संवाद
नरेंद्र रावत, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 28 Mar 2025 12:54 PM IST
सार

धूराफाट और रीठागाड़ क्षेत्र प्राकृतिक जल स्रोतों से संपन्न होने के बावजूद पानी का संकट झेलने को मजबूर है। गर्मी आते ही पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है। लोगों को नौले-धारों की दौड़ लगानी पड़ती है।

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drinking water crisis intensifies in Dhuraphat and Reethagad area of bageshwar as soon as summer arrives
काफलीगैर के बोहाला गांव का धारा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बागेश्वर जिले के काफलीगैर के धूराफाट और रीठागाड़ क्षेत्र प्राकृतिक जल स्रोतों से संपन्न होने के बावजूद पानी का संकट झेलने को मजबूर है। गर्मी आते ही पेयजल योजनाओं से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है। लोगों को नौले-धारों की दौड़ लगानी पड़ती है।

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धूराफाट के 12 गांवों में सरयू नदी से बनी बौड़ी-धूराफाट पेयजल योजना से आपूर्ति होती है। इसके बावजूद क्षेत्र में पेयजल संकट बना रहता है। यूं तो क्षेत्र में प्राकृतिक स्रोतों की कमी नहीं है लेकिन उचित प्रबंधन नहीं होने से लोगों को सिर पर ढोकर पानी लाना पड़ता है। रीठागाड़ क्षेत्र के गांवों में छोटी-छोटी पेयजल योजनाओं के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जाती है। गर्मियों के दिनों में इन गांवों में भी जल संकट पैदा हो जाता है। संवाद

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स्रोत से पेयजल योजना बनाने की मांग
क्षेत्र के निवर्तमान जिपं सदस्य चंदन सिंह रावत कहते हैं हर गांव में दो-तीन जलस्रोत हैं। देखरेख नहीं होने से स्रोत उपेक्षित हो गए हैं। कई स्रोतों में पानी का स्तर भी कम हो रहा है। इन स्रोतों से सोलर पंपिंग पेयजल योजना का निर्माण किया जा सकता है। ऐसा होने पर लोगों को सालभर भरपूर पानी मिलेगा और स्रोतों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

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कहां कितने प्राकृतिक जलस्रोत
धूराफाट के बोहाला में एक धारा, हन्योली में दो धारे, असों-केसरौली में तीन धारे, पाना में एक नौला, सिमतोली में एक धारा, रैखोली में दो धारे, कभड़ा और बौड़ी में एक-एक कुआं, घटगाड़ में एक धारा है। रीठागाड़ के छौना में एक नौला, करासीबूंगा में एक गधेरा एक नौला और ओखलीसिरौद गांव में तीन धारे हैं। इनमें अधिकतर जलस्रोतों में भरपूर पानी रहता है।

प्राकृतिक स्रोतों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन वृहद स्तर पर कार्य कर रहा है। धूराफाट और रीठागाड़ क्षेत्र के स्रोतों की जांच की जाएगी। मुनासिब हुआ तो क्षेत्रवासियों की मांग अनुसार स्रोतों से योजना बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। - आशीष भटगांई, डीएम, बागेश्वर

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