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लमचूला की एएनएम और प्रबंधक का वेतन रोका
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बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की समीक्षा के दौरान उच्च जोखिम प्रसव के दौरान हुई नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने गर्भवतियों के पंजीकरण का लक्ष्य पूरा न होने पर नाराजगी जताई। इस दौरान बैजनाथ के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर लमचूला क्षेत्र में हुई शिशु मृत्यु की स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके। इस पर डीएम ने लमचूला की एएनएम और ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ीं एएनएम कार्यकत्रियों से एनएचएम, पोषण, टीबी उन्मूलन की जानकारी ली। उन्होंने सीएमओ डॉ. संजय कुमार शाह से विभागीय स्टाफ के कामकाज की निगरानी करते रहने को कहा। ब्लॉक वार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के टीमों के भ्रमणों की भी समीक्षा की गई।
सीएमओ डॉ. वीके सक्सेना से कहा कि जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर करने का कारण बताया जाए। सीएमओ ने बताया कि वर्ष 2018-19 में 4435 के सापेक्ष 3912 एएनसी पंजीकरण हुए। यह 88 प्रतिशत है। इस बार अगस्त तक 4032 के सापेक्ष 1717 का पंजीकरण किया गया जो 43 प्रतिशत है। इस दौरान सीडीओ एसएसएस पांगती, डीएसओ अरुण कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ. एसपी त्रिपाठी, डॉ. हरीश पोखरिया कांडा, डॉ. राजेश गुंज्याल गरुड़, डॉ. बृजेश रावत आदि थे।
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कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ीं एएनएम कार्यकत्रियों से एनएचएम, पोषण, टीबी उन्मूलन की जानकारी ली। उन्होंने सीएमओ डॉ. संजय कुमार शाह से विभागीय स्टाफ के कामकाज की निगरानी करते रहने को कहा। ब्लॉक वार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के टीमों के भ्रमणों की भी समीक्षा की गई।
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सीएमओ डॉ. वीके सक्सेना से कहा कि जिला अस्पताल से मरीजों को रेफर करने का कारण बताया जाए। सीएमओ ने बताया कि वर्ष 2018-19 में 4435 के सापेक्ष 3912 एएनसी पंजीकरण हुए। यह 88 प्रतिशत है। इस बार अगस्त तक 4032 के सापेक्ष 1717 का पंजीकरण किया गया जो 43 प्रतिशत है। इस दौरान सीडीओ एसएसएस पांगती, डीएसओ अरुण कुमार वर्मा, सीएमओ डॉ. एसपी त्रिपाठी, डॉ. हरीश पोखरिया कांडा, डॉ. राजेश गुंज्याल गरुड़, डॉ. बृजेश रावत आदि थे।
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