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जिला पंचायत सदस्यों ने किया बैठक से वॉकआउट
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बागेश्वर के विकास भवन में जिला पंचायत की बैठक में मौजूद अधिकारी व सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला पंचायत की आधिकारिक बैठक में सदस्यों और युवा कल्याण अधिकारी के बीच तीखी तकरार हुई। पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर पूछे गए सवाल पर युवा कल्याण अधिकारी नाराज हो गए। उन्होंने जिला पंचायत सदस्य को मानहानि का मुकदमा करने तक की चेतावनी दे डाली। अधिकारी के इस बर्ताव का विरोध करते हुए सदस्यों ने बैठक को बीच में ही छोड़ दिया, इसके बाद अध्यक्ष ने बैठक स्थगित कर दी।
विकास भवन सभागार में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव की अध्यक्षता में आधिकारिक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में विकास को लेकर चर्चा चल रही थी। इस बीच जिला पंचायत मटेला के सदस्य नवीन नमन ने पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने जवानों को ड्यूटी आवंटन में भेदभाव करने का आरोप लगाया। इसको लेकर युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत नाराज हो गए। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया और सदस्य पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कह दी।
उनके बर्ताव को देखते हुए कई सदस्य सदन में खड़े हो गए और अधिकारी से माफी मांगने की बात करने लगे। कुछ देर तक इसी तरह की गहमागहमी बनी रही। इसके बाद सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव का कहना है कि जिला पंचायत सदस्यों और युवा कल्याण अधिकारी के बीच कुछ नोकझोंक हो गई थी। इसको लेकर कुछ सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। हालांकि अधिकारी ने अपने बर्ताव के लिए माफी भी मांगी थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही बैठक की अगली तिथि तय की जाएगी।
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अपमान कतई सहन नहीं किया जाएगा
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और शामा के जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद्र सिंह ऐठानी का कहना है कि जिला पंचायत के भीतर चुनकर आए सदस्य जनता की समस्याएं रखते हैं। एक अधिकारी का इस तरह से सदस्य का अपमान बिलकुल भी सहन नहीं किया जाएगा। सदन में जिला योजना के कार्यों और बजट को लेकर कोई बात नहीं की जा रही है। जब तक अधिकारी सदस्य से माफी नहीं मांग लेते सदस्य आधिकारिक बैठक का बहिष्कार करेंगे।
सदस्यों ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पीआरडी जवानों की तैनाती में हो रहे भेदभाव को लेकर सवाल उठाया था। जिसको लेकर युवा कल्याण अधिकारी मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी देने लगे। उनके रवैये को देखते हुए ही सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। - नवीन नमन, जिला पंचायत सदस्य।
मैं दिल की बीमारी से ग्रस्त हूं, बैठक में जाने से पूर्व मैंने कोरोना का टीकाकरण भी कराया था। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य की ओर से रुपये लेकर ड्यूटी लगाने की बात की गई थी। जिस पर मुझे गुस्सा आया। मैंने मामले की जांच कराने की भी बात कही। जिला पंचायत सदस्यों से माफी भी मांगी, लेकिन सदस्य वॉकआउट कर गए। मेरा मकसद किसी को आहत करना नहीं था। पीआरडी जवानों को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी दी जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है। मामले की जांच कराई जा सकती है। जो कुछ हुआ वह गलत था जिसके लिए मैंने सदस्यों से माफी मांगी है। - अर्जुन सिंह रावत, जिला युवा कल्याण अधिकारी।
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विकास भवन सभागार में मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव की अध्यक्षता में आधिकारिक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में विकास को लेकर चर्चा चल रही थी। इस बीच जिला पंचायत मटेला के सदस्य नवीन नमन ने पीआरडी जवानों की तैनाती को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने जवानों को ड्यूटी आवंटन में भेदभाव करने का आरोप लगाया। इसको लेकर युवा कल्याण अधिकारी अर्जुन सिंह रावत नाराज हो गए। उन्होंने आरोपों को निराधार बताया और सदस्य पर मानहानि का मुकदमा करने की बात कह दी।
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उनके बर्ताव को देखते हुए कई सदस्य सदन में खड़े हो गए और अधिकारी से माफी मांगने की बात करने लगे। कुछ देर तक इसी तरह की गहमागहमी बनी रही। इसके बाद सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव का कहना है कि जिला पंचायत सदस्यों और युवा कल्याण अधिकारी के बीच कुछ नोकझोंक हो गई थी। इसको लेकर कुछ सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। हालांकि अधिकारी ने अपने बर्ताव के लिए माफी भी मांगी थी। उन्होंने कहा कि जल्द ही बैठक की अगली तिथि तय की जाएगी।
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अपमान कतई सहन नहीं किया जाएगा
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और शामा के जिला पंचायत सदस्य हरीश चंद्र सिंह ऐठानी का कहना है कि जिला पंचायत के भीतर चुनकर आए सदस्य जनता की समस्याएं रखते हैं। एक अधिकारी का इस तरह से सदस्य का अपमान बिलकुल भी सहन नहीं किया जाएगा। सदन में जिला योजना के कार्यों और बजट को लेकर कोई बात नहीं की जा रही है। जब तक अधिकारी सदस्य से माफी नहीं मांग लेते सदस्य आधिकारिक बैठक का बहिष्कार करेंगे।
सदस्यों ने ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में पीआरडी जवानों की तैनाती में हो रहे भेदभाव को लेकर सवाल उठाया था। जिसको लेकर युवा कल्याण अधिकारी मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी देने लगे। उनके रवैये को देखते हुए ही सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। - नवीन नमन, जिला पंचायत सदस्य।
मैं दिल की बीमारी से ग्रस्त हूं, बैठक में जाने से पूर्व मैंने कोरोना का टीकाकरण भी कराया था। बैठक के दौरान जिला पंचायत सदस्य की ओर से रुपये लेकर ड्यूटी लगाने की बात की गई थी। जिस पर मुझे गुस्सा आया। मैंने मामले की जांच कराने की भी बात कही। जिला पंचायत सदस्यों से माफी भी मांगी, लेकिन सदस्य वॉकआउट कर गए। मेरा मकसद किसी को आहत करना नहीं था। पीआरडी जवानों को रोस्टर के अनुसार ड्यूटी दी जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाता है। मामले की जांच कराई जा सकती है। जो कुछ हुआ वह गलत था जिसके लिए मैंने सदस्यों से माफी मांगी है। - अर्जुन सिंह रावत, जिला युवा कल्याण अधिकारी।