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Bageshwar News: असों सीट से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कुंदन राम अयोग्य घोषित
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बागेश्वर। उत्तराखंड पंचायतीराज अध्यादेश, 2025 के कड़े प्रावधानों का उल्लंघन करने पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र असों से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य कुंदन राम को तीन जीवित जैविक संतानें होने का दोष सिद्ध होने पर सदस्य पद से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। सीडीओ और विहित प्राधिकारी आरसी तिवारी ने इस संबंध में अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
पूरा प्रकरण विभिन्न ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर संज्ञान में आया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुंदन राम ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपनी तीसरी जीवित जैविक संतान के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायतीराज निदेशक के निर्देशानुसार एक उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई थी।
सीडीओ तिवारी ने मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था जिसमें डीआरडीए को अध्यक्ष, जिला पंचायत के एएमए और बीडीओ बागेश्वर को सदस्य नामित किया गया था।
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जांच समिति ने डिजिटल अभिलेखों और उप-निबंधक कार्यालय के गोदनामा दस्तावेज का गहन परीक्षण किया। इन सभी सरकारी अभिलेखों और डिजिटल साक्ष्यों से यह पूरी तरह स्थापित हो गया कि कुंदन राम की तीन जीवित जैविक संतानें हैं। उत्तराखंड पंचायतीराज अध्यादेश, 2025 की धारा-90(1)(द) के अनुसार जिस व्यक्ति की दो से अधिक जीवित जैविक संतानें हैं वह जिपं सदस्य पद के लिए पूरी तरह अयोग्य माना गया है।
इसी कानूनी प्रावधान के तहत सीडीओ ने कुंदन राम को अयोग्य घोषित करते हुए प्रकरण को निस्तारित कर दिया। पीड़ित पक्ष को पत्र प्राप्ति की तिथि से 15 दिनों के भीतर मंडलायुक्त के सम्मुख अपील प्रस्तुत करने का अधिकार दिया गया है।
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पूरा प्रकरण विभिन्न ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर संज्ञान में आया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुंदन राम ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपनी तीसरी जीवित जैविक संतान के संबंध में महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंचायतीराज निदेशक के निर्देशानुसार एक उच्चस्तरीय जांच बैठाई गई थी।
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सीडीओ तिवारी ने मामले की पड़ताल के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था जिसमें डीआरडीए को अध्यक्ष, जिला पंचायत के एएमए और बीडीओ बागेश्वर को सदस्य नामित किया गया था।
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जांच समिति ने डिजिटल अभिलेखों और उप-निबंधक कार्यालय के गोदनामा दस्तावेज का गहन परीक्षण किया। इन सभी सरकारी अभिलेखों और डिजिटल साक्ष्यों से यह पूरी तरह स्थापित हो गया कि कुंदन राम की तीन जीवित जैविक संतानें हैं। उत्तराखंड पंचायतीराज अध्यादेश, 2025 की धारा-90(1)(द) के अनुसार जिस व्यक्ति की दो से अधिक जीवित जैविक संतानें हैं वह जिपं सदस्य पद के लिए पूरी तरह अयोग्य माना गया है।
इसी कानूनी प्रावधान के तहत सीडीओ ने कुंदन राम को अयोग्य घोषित करते हुए प्रकरण को निस्तारित कर दिया। पीड़ित पक्ष को पत्र प्राप्ति की तिथि से 15 दिनों के भीतर मंडलायुक्त के सम्मुख अपील प्रस्तुत करने का अधिकार दिया गया है।