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जिला उपभोक्ता फोरम ने सुनाया फरमान
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Mon, 23 Nov 2015 10:40 PM IST
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जिला उपभोक्ता प्रतितोष फोरम ने राज्य सड़क परिवहन निगम के टनकपुर डिपो के मंडलीय प्रबंधक को पीड़ित को एक महीने के भीतर 1.30 लाख रुपये का भुगतान करने का फरमान सुनाया है। निर्धारित समय के भीतर भुगतान अदा न करने पर पीड़ित को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर पर भुगतान करना होगा।
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एलआईजी 97 एनडीए कालौनी केदारपुरम देहरादून निवासी राम मोहन मिश्रा पुत्र तीर्थराज मिश्रा ने जिला उपभोक्ता प्रतितोष फोरम में 14 अक्तूूबर 2014 को शिकायती पत्र देकर कहा था कि वह स्वरोजगार के लिए पुस्तकों का प्रकाशन और विक्रय करता है।
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जीवकोपार्जन के लिए दिल्ली से न्यायहित की पुस्तकों का प्रकाशन और उन्हें क्रय कर उत्तराखंड के सभी शहरों में उपलब्ध कराता है। 31 अक्तूबर 2012 को पिथौरागढ़ डिपो की बस संख्या यूके 07ए 1093 द्वारा वह दिल्ली से बागेश्वर रवाना हुआ। तब उसके पास पुस्तकों के आठ बंडल थे।
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उनका किराया रोडवेज को दिया गया था। इन बंडलों में इस जिले के डीएम की मांग के अनुसार एक लाख रुपये तक की पुुस्तकें शामिल थीं। बस की डिग्गी टूट जाने के कारण दो बंडल रास्ते में ही कहीं गिर गए। उसने नुकसान की पूर्ति न होने पर विपक्षी रोडवेज के मंडलीय प्रबंधक को चार जनवरी 2013 और आठ मार्च 2013 को नोटिस भेजे, लेकिन उसे कोई सूचना नहीं दी गई।
जिससे उसका मानसिक कष्ट बढ़ गया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष डा. ज्ञानेंद्र कुमार शर्मा, सदस्य संजय कुमार लोहनी और मीना फर्त्याल ने पत्रावली का अध्ययन और सभी पक्षों को सुनने के बाद उत्तराखंड राज्य सड़क परिवहन निगम टनकपुर के मंडलीय प्रबंधक को एक महीने के भीतर शिकायतकर्ता को एक लाख रुपये नुकसान का, 20 हजार रुपये मानसिक कष्ट जबकि 10 हजार रुपये वाद व्यय समेत कुल 1.30 लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश पारित किए।
आदेश में यह भी कहा गया है कि इस अवधि के भीतर शिकायतकर्ता को भुगतान नहीं किया जाता है तो शिकायतकर्ता को यह अधिकार होगा कि वह मंडलीय प्रबंधक से इस धनराशि पर 31 अक्तूबर 2012 से अंतिम भुगतान की तिथि तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से ब्याज भी प्राप्त करे।