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आपदा पुल बहा ले गई, ग्रामीणों को परेशानी दे गई
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कपकोट के बेलंग गधेरे में इसी स्थान से नौ वर्ष पहले बहे पुल का नहीं हुआ निर्माण। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। नगर पंचायत के भराड़ी वार्ड के तीन तोकों को जोड़ने वाला पैदल पुल नौ वर्ष बाद भी निर्माण की बाट जोह रहा है। 60 परिवारों को जोड़ने वाला पुल वर्ष 2012 की आपदा में बेलंग गधेरे के तेज बहाव में बह गया था। लोग कई बार पुल निर्माण की मांग कर चुके हैं लेकिन अब तक पुल नहीं बना है। बारिश के दौरान गधेरा उफान पर आने से लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भराड़ी वार्ड के बेलंग, कन्यूटी और मिछात तोक को जाने के लिए बेलंग गधेरा (चिरपत नाला)पार करना पड़ता है। यह मार्ग गुरु गुंसाई देव मंदिर चिरपतकोट भी जाता है। पैदल मार्ग में गधेरे को पार करने के लिए बना पैदल पुल नौ साल पहले उफान पर आए गधेरे में बह गया था। पुल बहने के बाद से लोगों को गधेरा को उतरकर पार करना पड़ रहा है। कई बार लोगों ने पुल के निर्माण की मांग को लेकर नगर पंचायत को ज्ञापन दिए। इसके बावजूद पुल निर्माण की कवायद शुरू नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि गधेरा का जलस्तर बढ़ने के बाद चौड़ाई भी अधिक हो गई है। इस कारण इस पर लकड़ी का पुल बनाना भी मुश्किल है। बारिश के कारण गधेरे में उतरना जोखिम भरा हो रहा है। हादसा की आशंका रहती है। लोगों ने जल्द पुल का निर्माण करने की मांग की है।
आपदा के बाद जिस तेजी से निर्माण कार्य होने थे, वह नहीं हो सके। गधेरे की भेंट चढ़ा पैदल पुल नहीं बनने से वार्ड के आधे हिस्से के लोगों को परेेशानी उठानी पड़ रही है। पुल से स्कूली बच्चे, रोजाना बाजार आने वाले लोग, चारा पत्ती लाने वाली महिलाएं आवागमन करती थी। पुल टूटने से लोगों को पानी में उतरकर गधेरा पार करना पड़ रहा है। - कैलाश जोशी, कन्यूटी
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मिछात, कन्यूटी ओर बेलंग तोक को जोड़ने के लिए पैदल पुल की नितांत जरूरत है। कई बार पुल को लेकर प्रशासन से मांग की गई है। पुल नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान गधेरा उफान पर रहने से हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। नगर पंचायत में भी पुल निर्माण को लेकर मांग रखी गई है। - दीपक ऐठानी, सभासद भराड़ी वार्ड
पैदल पुल का प्रस्ताव लोनिवि के माध्यम से शासन को भेजा गया था। जिसे 18 मीटर से कम का स्पान होने के कारण इसे शासन से वापस भेज दिया गया। जिसके बाद जिला योजना में प्रस्ताव भेजा गया था। वहां से भी इसे वापस किया गया है। दोबारा नगर पंचायत की ओर से जिला योजना में प्रस्ताव भेजा जा रहा है। - गोविंद सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष कपकोट
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भराड़ी वार्ड के बेलंग, कन्यूटी और मिछात तोक को जाने के लिए बेलंग गधेरा (चिरपत नाला)पार करना पड़ता है। यह मार्ग गुरु गुंसाई देव मंदिर चिरपतकोट भी जाता है। पैदल मार्ग में गधेरे को पार करने के लिए बना पैदल पुल नौ साल पहले उफान पर आए गधेरे में बह गया था। पुल बहने के बाद से लोगों को गधेरा को उतरकर पार करना पड़ रहा है। कई बार लोगों ने पुल के निर्माण की मांग को लेकर नगर पंचायत को ज्ञापन दिए। इसके बावजूद पुल निर्माण की कवायद शुरू नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि गधेरा का जलस्तर बढ़ने के बाद चौड़ाई भी अधिक हो गई है। इस कारण इस पर लकड़ी का पुल बनाना भी मुश्किल है। बारिश के कारण गधेरे में उतरना जोखिम भरा हो रहा है। हादसा की आशंका रहती है। लोगों ने जल्द पुल का निर्माण करने की मांग की है।
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आपदा के बाद जिस तेजी से निर्माण कार्य होने थे, वह नहीं हो सके। गधेरे की भेंट चढ़ा पैदल पुल नहीं बनने से वार्ड के आधे हिस्से के लोगों को परेेशानी उठानी पड़ रही है। पुल से स्कूली बच्चे, रोजाना बाजार आने वाले लोग, चारा पत्ती लाने वाली महिलाएं आवागमन करती थी। पुल टूटने से लोगों को पानी में उतरकर गधेरा पार करना पड़ रहा है। - कैलाश जोशी, कन्यूटी
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मिछात, कन्यूटी ओर बेलंग तोक को जोड़ने के लिए पैदल पुल की नितांत जरूरत है। कई बार पुल को लेकर प्रशासन से मांग की गई है। पुल नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। बारिश के दौरान गधेरा उफान पर रहने से हादसे का अंदेशा भी बना रहता है। नगर पंचायत में भी पुल निर्माण को लेकर मांग रखी गई है। - दीपक ऐठानी, सभासद भराड़ी वार्ड
पैदल पुल का प्रस्ताव लोनिवि के माध्यम से शासन को भेजा गया था। जिसे 18 मीटर से कम का स्पान होने के कारण इसे शासन से वापस भेज दिया गया। जिसके बाद जिला योजना में प्रस्ताव भेजा गया था। वहां से भी इसे वापस किया गया है। दोबारा नगर पंचायत की ओर से जिला योजना में प्रस्ताव भेजा जा रहा है। - गोविंद सिंह बिष्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष कपकोट