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बागेश्वर: आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित 99 स्वयंसेवक
Wed, 15 Feb 2023 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 15 Feb 2023 11:46 PM IST
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बागेश्वर। आपदा प्रबंधन विभाग आपदा मित्र अद्यतनीकरण परियोजना के तहत जिले में 99 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण अप्रैल से शुरू हुआ और विभिन्न चरणों में चला। योजना के तहत प्रदेश में 1,700 स्वयंसेवकों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि प्रत्येक जिले के लिए स्वयंसेवकों की संख्या अलग-अलग निर्धारित की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिनों तक चला। परियोजना के तहत जिले के दो बैचों का प्रशिक्षण पिथौरागढ़ में हुआ।
यह प्रशिक्षण एडवेंचर, इको टूरिज्म, साहसिक पर्यटन आदि गतिविधियों में भी उपयोग साबित हो सकता है। इससे वह अन्य रोजगार और स्वरोजगार में भी अतिरिक्त योग्यता का लाभ उठा सकते हैं।
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वर्तमान में अंतिम बैच का प्रशिक्षण नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी में चल रहा है। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा से निपटने के गुर, आपदा प्रबंधक उपकरणों की जानकारी, रॉक क्लाइम्बिंग, टेंट पिचिंग, जुमारिंग आदि की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षित स्वयंसेवी किसी प्रकार की आपदा के समय आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होंगे।
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प्रशिक्षण अप्रैल से शुरू हुआ और विभिन्न चरणों में चला। योजना के तहत प्रदेश में 1,700 स्वयंसेवकों को आपदा मित्र के रूप में प्रशिक्षित किए जाने का लक्ष्य रखा गया था।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि प्रत्येक जिले के लिए स्वयंसेवकों की संख्या अलग-अलग निर्धारित की गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिनों तक चला। परियोजना के तहत जिले के दो बैचों का प्रशिक्षण पिथौरागढ़ में हुआ।
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यह प्रशिक्षण एडवेंचर, इको टूरिज्म, साहसिक पर्यटन आदि गतिविधियों में भी उपयोग साबित हो सकता है। इससे वह अन्य रोजगार और स्वरोजगार में भी अतिरिक्त योग्यता का लाभ उठा सकते हैं।
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वर्तमान में अंतिम बैच का प्रशिक्षण नेहरु पर्वतारोहण संस्थान (निम) उत्तरकाशी में चल रहा है। प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को आपदा से निपटने के गुर, आपदा प्रबंधक उपकरणों की जानकारी, रॉक क्लाइम्बिंग, टेंट पिचिंग, जुमारिंग आदि की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षित स्वयंसेवी किसी प्रकार की आपदा के समय आपदा प्रबंधन में मददगार साबित होंगे।