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पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से बागेश्वर में युवक की मौत

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Oct 2021 12:33 AM IST
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Disaster in Bageshwar
बारिश से बागेश्वर में सरयू नदी के जल से वाणेश्वर मंदिर हुआ जलमग्न। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कपकोट। अक्तूबर माह में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश बेरहम हो गई है। कपकोट के भनार गांव में बारिश की वजह से पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। पांच माह पहले ही युवक का विवाह हुआ था। युवक की मौत की खबर से परिजन बदहवास हैं।
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रविवार रात से हो रही बारिश मंगलवार अपराह्न तीन बजे करीब डेढ़ घंटे के लिए रुकी और शाम 4:38 बजे फिर शुरू हो गई। इससे पहले सोमवार देर शाम कपकोट के भनार गांव निवासी युवक गिरीश चंद्र सिंह (37) पुत्र गोविंद सिंह शामा से रोजमर्रा का सामान लेकर वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान पहाड़ी से गिरे बोल्डरों की चपेट में आने से वह करीब 600 मीटर गहरी खाई में गिर गए।
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भनार के उप प्रधान नरेंद्र सिंह कोरंगा ने बताया कि घर नहीं लौटने पर परिजनों ने ग्रामीणों के साथ उनकी तलाश शुरू की तो वह लहूलुहान हालत में खाई में गिरे मिले। सिर पर गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
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मंगलवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। भनार के पूर्व प्रधान कुंदन सिंह कोरंगा ने बताया कि गिरीश का पांच महीने पहले ही विवाह हुआ था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव के लोग शोक में डूबे हुए हैं। उप प्रधान नरेंद्र सिंह कोरंगा ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
10 सड़कों पर यातायात रहा बाधित, कई पेड़ टूटे
बागेश्वर। कई जगह से पेड़ गिरने और मलबा आने से जिले की 12 सड़के बंद रहीं। हालांकि काफी प्रयास के बाद दो सड़कें खोल दी गई हैं। अब भी जिले की 10 सड़कें बंद हैं।
बारिश के दौरान मलबा आने से अल्मोड़ा-बागेश्वर वाया ताकुला, कौसानी-गरुड़ एनएच समेत 12 सड़कों पर यातायात बाधित रहा। बारिश के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। झिरौली के गैरीगाड़ में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। मंडलसेरा में एक घर में पानी घुस गया। नगर के मंडलसेरा, कपकोट, गरुड़ क्षेत्र में कई स्थानों पर जलभराव होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ीं।
पुलिस की हेल्पलाइन नंबर 112 पर रात 2:55 बजे थाना झिरौली के गैरीगाड़ गांव में जगदीश चंद्र लोहनी पुत्र बद्री दत्त लोहनी के मकान में भूस्खलन होने की सूचना मिली। सूचना मिलने पर रात में ही उप निरीक्षक विवेक चंद्र के नेतृत्व में पुलिस बल गांव के लिए रवाना हुआ। गांव के लोगों की मदद से प्रभावित परिवार के सदस्यों और मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
सोमवार की मध्य रात्रि जिला मुख्यालय के मंडलसेरा में एक आवासीय मकान में पानी घुस गया। फायर ब्रिगेड की टीम और कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिवार को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया। नगर के ठाकुरद्वारा में भूस्खलन से एक मकान खतरे की जद में आ गया। मकान की नींव भूस्खलन की चपेट में आ गई है। जजी रोड में भी भूस्खलन से सड़क बाधित हो गई। नगर के ज्वालादेवी वार्ड में सड़क पर खड़े एक वाहन पर पेड़ गिर गया। अग्निशमन दल ने वाहन के ऊपर गिरे पेड़ को हटाया। कौसानी-गरुड़ मोटर मार्ग भेटा में भूस्खलन और लौबांज में पेड़ गिरने से बाधित रहा।
सरयू और गोमती उफान पर, घाट जलमग्न
बागेश्वर। सरयू और गोमती नदी लगातार हुई बारिश से उफान पर आ गई है। नदी के तट जलमग्न हो गए हैं। मंगलवार को सरयू खतरे के निशान से 2.80 मीटर नीचे बह रही थी। मंगलवार को सरयू का जलस्तर 867.70 मीटर था। गोमती का जलस्तर 866.25 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी लेबल 869.70 मीटर और खतरनाक लेबल 870.70 मीटर है। बैजनाथ बैराज का लेबल 1113 मीटर था। 2167.43 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार बीते 24 घंटे में बागेश्वर में 182.50 एमएम, कपकोट में 165 एमएम और गरुड़ में 131 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। कौसानी में 146, डंगोली में 159, कांडा में 141, शामा में 258, सौंग में 155 में एमएम बारिश रिकार्ड की गई।
बागेश्वर की इन सड़कों पर पर रहा यातायात बाधित
अल्मोड़ा-वाया ताकुला एनएच, कौसानी-गरुड़ एनएच, बघर-कपकोट, बघर-दफौट, फल्यांटी-नामतीचेटाबगड़, बागेश्वर-गिरेछीना, कपकोट-पोलिंग, कमेड़ीदेवी-भैंसूड़ी, जैंसर-रियानीलखमार, कंधार-रोलियाना, बागेश्वर-गिरेछीना, कांडा-भाकड़पंत। इनमें से कौसानी-गरुड़, ताकुला-बागेश्वर सड़क पर यातायात बहाल हो गया था।
अक्तूबर में ऐसा मंजर कभी नहीं देखा
बागेश्वर। अक्तूबर के महीने ऐसी बारिश पिछले 60-65 साल में कभी नहीं हुई। बुजुर्ग बताते हैं कि वर्ष 1993 में अक्तूबर में कई दिन तक बारिश हुई थी, लेकिन तब भी ऐसा मंजर नहीं था। कठायतबाड़ा निवासी 67 वर्षीय अंबा पांडेय बतातीं हैं कि उन्होंने अपने जीवन में अक्तूबर के महीने में ऐसी बारिश नहीं देखी। गरुड़ के बुजुर्ग बसंत बल्लभ जोशी कहते हैं कि शीतकाल में ऐसी बारिश नहीं देखी।

दोपहर एक बजे बाद सभी संचार सेवाएं ठप
बागेश्वर। जिले में मंगलवार दोपहर एक बजे बाद बीएसएनएल, आईडिया, जियो की इंटरनेट सेवा बाधित हो गई। शाम करीब सवा चार बजे बीएसएनएल की सेवा बहाल हो गई थी। अन्य नेटवर्क फिर भी बाधित रहे। संचार सेवा बाधित होने से सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं हो पाया। मीडिया कर्मी समाचारों का प्रेषण नहीं कर पाए।
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