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बागनाथ मंदिर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब
Tue, 15 Jan 2019 11:04 PM IST
Almora desk
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
Published by: Almora desk
Updated Tue, 15 Jan 2019 11:04 PM IST
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सूरजकुंड में बच्चों के जनेऊ संस्कार कराते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
मकर संक्रांति पर बागनाथ मंदिर में श्रद्धा का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालुुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ भगवान बागनाथ के मंदिर में जल चढ़ाया। मंगलवार को भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही ब्रह्म मुहूर्त में नगर के सरयू, गोमती और विलुप्त सरस्वती के पवित्र संगम पर स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और सरयू पूजन किया। पुजारी रावल परिवार ने श्रद्धालुओं में प्रसाद बांटा। श्रद्धालुओं काल भैरव नाथ, बाणेश्वर और मंदिरों में भी पूजा अर्चना की।
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बाणेश्वर के मंदिर की दीवार पर लिखी मन्नत
बागेश्वर। बागनाथ मंदिर के उत्तर में बाणेश्वर भगवान का मंदिर है। लोगों का विश्वास है कि जो लोग सच्चे मन से मंदिर की दीवार पर अपनी मन्नत लिखते हैं। बाणेश्वर उनकी मनोकामना पूरी कर देते हैं। मकर संक्रांति पर्व के मौके पर दीवार पर मन्नत लिखने वालों का तांता लगा रहा।
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सूरजकुंड और संगम पर बच्चों के हुए जनेऊ और चूड़ाकर्म संस्कार
बागेश्वर। शिव महापुराण में संगम और सूरजकुंड में बच्चों के जनेऊ और चूड़ाकर्म संस्कार कराने का विषद वर्णन है। इन स्थलों में कराए जाने वाले संस्कार घर के समान ही हैं। मकर संक्रांति पर्व के मौके पर इन संस्कारों को कराने वालों का सुबह से ही यहां तांता लगा रहा।
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डीएम ने किये बागनाथ के दर्शन
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर डीएम रंजना राजगुरु ने भी बागनाथ मंदिर पहुंच कर पूजा अर्चना की। उन्होंने बाबा बागनाथ के दर्शन किया। साथ ही मां सरयू की भी पूजा अर्चना की। डीएम के मेला स्थल पर पहुंचने से पुलिस प्रशासन में भी खलबली मच गई।
खिचड़ी खाकर चाय पीकर, प्लेट गिलास नदी में फेंके
मेले में दो-तीन जगह खिचड़ी बंट रही थी। श्रद्धालुओं को कागज की प्लेटों और गिलास में खिचड़ी, चाय बांटी गई थीं। श्रद्धालुओं ने खाने पीने के बाद प्लेट, गिलास सरयू नदी में फेंक दिये। इससे सरयू और गोमती नदी के तटों पर गंदगी हो गई। इस दौरान एक भी पालिका कर्मी चालान और सफाई करते नहीं दिखा।
रात को खूब भायी चड़कन चाह
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को रात में सर्दियों से बचाने के लिए सरयू बगड़ में विहिप ने चड़कन चाह का स्टाल लगाकर चाय बांटी। सर्द रात में गर्म चाय से लोगों को राहत मिली। इस दौरान जिलाध्यक्ष मनीष पांडे, रोहित पंत आदि थे।
तड़के शुरू हुई रौनक रात तक रही
मकर संक्रांति पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में श्रद्धा की डुबकी लगानी शुरू कर दी। इसकी वजह से होटल, रेस्टोरेंट वगैरह भी सुबह 4 बजे के पहले से ही खुल गए। दोपहर को झूले, खेल प्रतियोगिताओं में भीड़ उमड़ी। रात को रंगारंग कार्यक्रमों में भारी संख्या में लोग मौजूद थे। इस तरह सुबह से रात तक रौनक बनी रही।
होटल रहे पैक, सड़कों पर रहा जाम
मेले की वजह से शहर के सारे बड़े छोटे होटल पूरी तरह पैक रहे। चौक बाजार, कांडा रोड पर, धार पानी, तहसील रोड पर जबरदस्त भीड़ रही। मेन बाजार में तो दिन भर जाम का हाल रहा। पुलिस को मशक्कत करनी पड़ी।
खूब बिकी मूंगफली, गजक
मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में श्रद्धालुओं ने मूंगफली, गजक का जमकर स्वाद लिया। सरयू बगड़, चौक बाजार, मेन बाजार में लगी दुकानों में सुबह से शाम तक खरीदने वालों की भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने इनका दान भी किया।