{"_id":"6140f1da8ebc3e847a375fed","slug":"demand-for-no-dda-bageshwar-news-hld437966633","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण स्थगित नहीं समाप्त करे सरकार: जोशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण स्थगित नहीं समाप्त करे सरकार: जोशी
विज्ञापन
बागेश्वर में पत्रकारों से वार्ता करते अल्मोड़ा के पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी। संवाद न्यूज एजेंस?
- फोटो : BAGESHWAR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। अल्मोड़ा के नगरपालिका अध्यक्ष और प्राधिकरण हटाओ संघर्ष समिति के वरिष्ठ सदस्य प्रकाश जोशी ने जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण को स्थगित करने की बजाय समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्राधिकरण के नाम पर जो कानून थोपा है, उससे जनता परेशान है। तत्काल इस कानून को समाप्त किया जाना चाहिए।
पर्यटक आवास गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार 2017 में विकास प्राधिकरण लाई थी। तब से लोगों का घर बनाने का सपना मुश्किल हो गया है। प्राधिकरण के जटिल नियमों के कारण लोगों को मकान का नक्शा पास कराने में ढाई से तीन वर्ष का समय लग रहा है। सरकार 74वें संविधान संशोधन की भावनाओं के खिलाफ काम कर रही है।
इस संशोधन में निकायों को मजबूत करने की बात कही गई थी लेकिन आज निकायों से उनके अधिकार छीनने का काम किया जा रहा है। जोशी ने कहा कि सरकार ने प्राधिकरण को स्थगित करने की घोषणा की, लेकिन समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया। प्राधिकरण स्थगित करने की घोषणा के बाद मकान नियम विरुद्ध बनाए जा रहे हैं। अतिक्रमण भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
सरकार को इन परेशानियों को देखते हुए सरकार को तत्काल नगर निकायों को पूर्ववत यह अधिकार सौंपने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन निर्माण में प्राधिकरण के नियमों क अनदेखी की जा रही है, जबकि गरीब को मकान बनाने से रोका जा रहा है।
उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। कहा कि जब तक सरकार विकास प्राधिकरण को समाप्त नहीं करेगी, जनता की परेशानियों का अंत नहीं होगा। इस मौके पर प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के जिला सचिव पंकज पांडेय, रमेश पांडेय कृषक, भुवन चौबे, जगदीश पाठक आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
पर्यटक आवास गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार 2017 में विकास प्राधिकरण लाई थी। तब से लोगों का घर बनाने का सपना मुश्किल हो गया है। प्राधिकरण के जटिल नियमों के कारण लोगों को मकान का नक्शा पास कराने में ढाई से तीन वर्ष का समय लग रहा है। सरकार 74वें संविधान संशोधन की भावनाओं के खिलाफ काम कर रही है।
विज्ञापन
इस संशोधन में निकायों को मजबूत करने की बात कही गई थी लेकिन आज निकायों से उनके अधिकार छीनने का काम किया जा रहा है। जोशी ने कहा कि सरकार ने प्राधिकरण को स्थगित करने की घोषणा की, लेकिन समाप्त करने का निर्णय नहीं लिया। प्राधिकरण स्थगित करने की घोषणा के बाद मकान नियम विरुद्ध बनाए जा रहे हैं। अतिक्रमण भी बढ़ रहा है।
विज्ञापन
सरकार को इन परेशानियों को देखते हुए सरकार को तत्काल नगर निकायों को पूर्ववत यह अधिकार सौंपने चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी भवन निर्माण में प्राधिकरण के नियमों क अनदेखी की जा रही है, जबकि गरीब को मकान बनाने से रोका जा रहा है।
उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। कहा कि जब तक सरकार विकास प्राधिकरण को समाप्त नहीं करेगी, जनता की परेशानियों का अंत नहीं होगा। इस मौके पर प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के जिला सचिव पंकज पांडेय, रमेश पांडेय कृषक, भुवन चौबे, जगदीश पाठक आदि मौजूद रहे।