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कक्षा 9 में पढ़ने वाली छात्रा अस्थायी पुलिया से गधेरे में गिरी, मौत
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कपकोट के बेलंग गधेरे से बालिका का शव रेस्क्यू कर लाते एसडीआएफ के जवान। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। गांव की महिलाओं के साथ जंगल घास लेने गई कक्षा नौ में पढ़ने वाली बालिका गधेरे में बने अस्थायी पुल से गिरकर बह गई। हादसे में बालिका की की मौत हो गई। मौके पर पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद गधेरे से बालिका का शव बरामद किया। घटना शनिवार शाम की है।
कपकोट के धौलानी निवासी आनंद राम की पुत्री गरिमा (15) शनिवार को घास काटने के लिए गांव की महिलाओं के साथ जंगल गई थी। वापसी में लौटते समय बेलंग गधेरे में चीड़ के लट्ठों से बनाए गए अस्थायी पुलिया में अनियंत्रित होकर उफनते गधेरे में गिर गई। गधेरे का बहाव काफी तेज था। देखते ही देखते बालिका आंखों से ओझल हो गई। मौजूद महिलाओं ने घटना की जानकारी बालिका के परिजनों को दी।
शाम 6:40 बजे कपकोट स्थित एसडीआरएफ टीम को घटना की सूचना मिली। एसडीआरएफ प्रभारी हृदयेश परिहार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद पुलिया से करीब 700 मीटर दूर बोल्डरों के बीच फंसा बालिका का शव बरामद कर लिया। कपकोट के थानाध्यक्ष मदन लाल ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। बालिका जीआईसी कपकोट में कक्षा नौ में पढ़ती थी। मृतका के घर पर लोगों का तांता लगा है।
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घटना से सीमांत के हालात उजागर
बागेश्वर। कपकोट के बेलंग गधेरे की घटना से सीमांत क्षेत्र के हालातों की तस्वीर सामने आई है। आपदा मद में अरबों, खरबों रुपये खर्च होने के बाद भी गधेरों को पार करने के लिए स्थायी पुल तक सरकारी कारिंदे और जनप्रतिनिधि नहीं बनवा पाए हैं। लोगों को जान जोखिम में डालकर लकड़ी के लट्ठों से गधेरे पार करने पड़ते हैं और जान से हाथ धोना पड़ता है।
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कपकोट के धौलानी निवासी आनंद राम की पुत्री गरिमा (15) शनिवार को घास काटने के लिए गांव की महिलाओं के साथ जंगल गई थी। वापसी में लौटते समय बेलंग गधेरे में चीड़ के लट्ठों से बनाए गए अस्थायी पुलिया में अनियंत्रित होकर उफनते गधेरे में गिर गई। गधेरे का बहाव काफी तेज था। देखते ही देखते बालिका आंखों से ओझल हो गई। मौजूद महिलाओं ने घटना की जानकारी बालिका के परिजनों को दी।
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शाम 6:40 बजे कपकोट स्थित एसडीआरएफ टीम को घटना की सूचना मिली। एसडीआरएफ प्रभारी हृदयेश परिहार के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम ने मशक्कत के बाद पुलिया से करीब 700 मीटर दूर बोल्डरों के बीच फंसा बालिका का शव बरामद कर लिया। कपकोट के थानाध्यक्ष मदन लाल ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। बालिका जीआईसी कपकोट में कक्षा नौ में पढ़ती थी। मृतका के घर पर लोगों का तांता लगा है।
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घटना से सीमांत के हालात उजागर
बागेश्वर। कपकोट के बेलंग गधेरे की घटना से सीमांत क्षेत्र के हालातों की तस्वीर सामने आई है। आपदा मद में अरबों, खरबों रुपये खर्च होने के बाद भी गधेरों को पार करने के लिए स्थायी पुल तक सरकारी कारिंदे और जनप्रतिनिधि नहीं बनवा पाए हैं। लोगों को जान जोखिम में डालकर लकड़ी के लट्ठों से गधेरे पार करने पड़ते हैं और जान से हाथ धोना पड़ता है।