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डीएलएड प्रशिक्षुओं ने जाना संगीत में हुड़का और बांसुरी का महत्व

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Mar 2022 12:17 AM IST
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D el ed  Training in Bageshwar
बागेश्वर के डायट में वाद्य यंत्र प्रशिक्षण कार्यशाला में शिरकत कर रहे डीएलएड प्रशिक्षु। संवाद न - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में तीन दिनी लोक वाद्य यंत्र प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला में डीएलएड प्रशिक्षुओं को हुड़का और बांसुरी के संगीत में उपयोगिता और महत्व की जानकारी दी जा रही है।
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कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए डायट प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र धपोला ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थी को किताबी ज्ञान के साथ अपने परिवेश, कला और संस्कृति से रूबरू कराना है। जिसके तहत डीएलएड प्रशिक्षुुओं को लोक संगीत का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रमुख संदर्भदाता प्रसिद्ध बांसुरी और हुड़का वादक मोहन चंद्र जोशी ने वाद्य यंत्रों की उत्पत्ति, उत्तराखंडी संगीत में इनकी उपयोगिता, वाद्य यंत्रों के आकार और निर्माण के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि ईजा फाउंडेशन के तहत स्कूल में भी इस तरह की कार्यशाला होंगी। वहां पर कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार जोशी, प्रवक्ता डॉ. केएस रावत, डॉ. संजय गुरुरानी, डॉ. सीएम जोशी, कैलाश प्रकाश चंदोला, संदीप जोशी, डॉ. बीडी पांडेय, डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी आदि थे।
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गणित कार्यशाला के समापन पर बांटे प्रमाणपत्र
बागेश्वर। डायट में सेवारत शिक्षकों के लिए प्रारंभिक स्तर पर गणित को गतिविधि आधारित बनाने के लिए आयोजित गणित कार्यशाला फन इन मैथमेटिक्स का समापन हो गया है। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए गए।
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प्रशिक्षण में प्रारंभिक स्तर पर गणित विषय को सरल, रोचक और गतिविधि आधारित बनाने के लिए गतिविधियों का संचालन किया गया। कार्यक्रम समन्वयक संदीप कुमार जोशी ने बताया कि यह कार्य आगे भी जारी रहेगा। कार्यशाला की गतिविधियों को पुस्तिका के रूप में मुद्रण किया जाएगा। समापन अवसर पर डायट प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र सिंह धपोला ने कहा कि गणित विषय को अन्य विषयों के साथ जोड़ते हुए विषयों की दीवारों को खत्म करना होगा। रचनात्मक गतिविधि आधारित शिक्षण से ही हम सीखने के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। वरिष्ठ प्रधानाध्यापक चरण सिंह बघरी ने कहा कि मानव मस्तिष्क में सीखने की प्रक्रिया गतिविधि द्वारा ही संचालित होती है। डॉ. प्रेम सिंह मावड़ी, डॉ. सीएम जोशी, डॉ. भैरव दत्त पांडे, डॉ. केएस रावत, डॉ. दयासागर आदि मौजूद थे।
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