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Bageshwar News: सत्र न्यायालय ने दोषमुक्ति के फैसले को रखा बरकरार
Fri, 13 Oct 2023 12:24 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 13 Oct 2023 12:24 AM IST
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बागेश्वर। सत्र न्यायाधीश आरके खुल्बे की अदालत ने निचली अदालत के दोषमुक्त करने के फैसले को बरकरार रखते हुए फैसले के खिलाफ दाखिल अपील को खारिज किया।
कथानक के अनुसार वादी हर्ष सिंह निवासी महोली ने 24 अप्रैल 2022 को कपकोट थाने में उसी गांव के लक्ष्मण सिंह के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार आरोपी ने 18 अप्रैल 2022 को वादी के अमरूद के पेड़ की टहनी काट दी थी। विरोध करने पर मारपीट करने लगा। बीच-बचाव करने आई वादी की बेटी से भी मारपीट की। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी दे गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 323, 504 और 506 में केस दर्ज किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या बोरा की अदालत में मामला चला। न्यायालय ने 23 मई 2023 को संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया था। राज्य सरकार की ओर से फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की गई। सत्र न्यायालय ने अवर न्यायालय के फैसले को विधिसम्मत मानते हुए अपील को खारिज कर दिया। संवाद
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कथानक के अनुसार वादी हर्ष सिंह निवासी महोली ने 24 अप्रैल 2022 को कपकोट थाने में उसी गांव के लक्ष्मण सिंह के खिलाफ मारपीट, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। तहरीर के अनुसार आरोपी ने 18 अप्रैल 2022 को वादी के अमरूद के पेड़ की टहनी काट दी थी। विरोध करने पर मारपीट करने लगा। बीच-बचाव करने आई वादी की बेटी से भी मारपीट की। जाते-जाते आरोपी जान से मारने की धमकी दे गया। तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 323, 504 और 506 में केस दर्ज किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ऐश्वर्या बोरा की अदालत में मामला चला। न्यायालय ने 23 मई 2023 को संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया था। राज्य सरकार की ओर से फैसले के खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील की गई। सत्र न्यायालय ने अवर न्यायालय के फैसले को विधिसम्मत मानते हुए अपील को खारिज कर दिया। संवाद