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कुंवारी में पांच दिन बाद भी हालात सामान्य नहीं
अमर उजाला ब्यूरो कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Thu, 15 Mar 2018 11:51 PM IST
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खतरे की जद में आया कुंवारी गांव।
- फोटो : अमर उजाला
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कुंवारी में पांच दिन बाद भी पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम नहीं रुका। बृहस्पतिवार को भी पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरते रहे। प्रभावित परिवारों के लिए खाद्यान्न सहित अन्य जरूरी सामान लगातार भेजा जा रहा है। प्रशासन गांव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। कपकोट तहसील के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कुंवारी गांव में बृहस्पतिवार को भी हालात सामान्य नहीं हुए। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पटवारी, एसडीआरएफ के जवान और मेडिकल टीम को क्षेत्र में भेज दिया है। उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने सुबह टास्क कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को तमाम निर्देश दिए। उन्होंने खाद्यान्न विभाग को 90 क्विंटल राशन प्रभावित क्षेत्र में भेजने को कहा।
लोक निर्माण विभाग को बिनायक धार में जेसीबी तैनात करने को कहा। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के जवानों और पटवारी को रेनकोट के साथ प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। प्रशासन ने कुंवारी गांव के हालात को देखते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी कर्मचारी को तहसील क्षेत्र से बाहर न जाने की हिदायत दी गई है। सायरन बजते ही तहसील परिसर में एकत्र होने और कुंवारी गांव के लिए मूव करने को हर समय तैयार रहने को कहा गया।
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भू गर्भीय हलचल के कारण फट रही है कुंवारी गांव की जमीन
अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव की जमीन भू गर्भीय हलचल के कारण फट रही है। जमीन के अंदर भारी मात्रा में ऊर्जा एकत्र है। ऊर्जा के बाहर निकलने के कारण ही पहाड़ी के दरकने की घटना हुई है। यह बात भू-वैज्ञानिक रवि नेगी ने कही। कुंवारी गांव का जायजा लेकर लौटे भू वैज्ञानिक नेगी ने पहाड़ी के फटने को भू गर्भीय हलचल बताया। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में कुंवारी गांव बसा है वह क्षेत्र थ्रस्टिंग जोन में आता है।
धरती के अंदर प्लेटों में काफी ऊर्जा एकत्र होती है। इसी ऊर्जा के बाहर निकलने से एकाएक जमीन फट गई और कंपन के कारण पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में धरती के अंदर लंबे समय से ऊर्जा एकत्र हो रही थी। जो बड़ी घटना का कारण भी बन सकता था। क्योंकि धरती के भीतर एकत्र हो रही ऊर्जा किस स्थान पर बाहर निकलेगी इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वरुणावत में भी इसी तरह की भूगर्भीय हलचल के कारण पहाड़ी दरकी थी। उनके अनुसार कुंवारी के हालात इस समय चिंताजनक हैं। पहाड़ी से आबादी की ओर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे प्रशासन को सौंपा जा रहा है।
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कुंवारी गांव में बृहस्पतिवार को भी हालात सामान्य नहीं हुए। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए पटवारी, एसडीआरएफ के जवान और मेडिकल टीम को क्षेत्र में भेज दिया है। उपजिलाधिकारी रवींद्र बिष्ट ने सुबह टास्क कमेटी की बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को तमाम निर्देश दिए। उन्होंने खाद्यान्न विभाग को 90 क्विंटल राशन प्रभावित क्षेत्र में भेजने को कहा।
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लोक निर्माण विभाग को बिनायक धार में जेसीबी तैनात करने को कहा। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ के जवानों और पटवारी को रेनकोट के साथ प्रभावित क्षेत्र में भेजा गया है। प्रशासन ने कुंवारी गांव के हालात को देखते हुए सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। किसी भी कर्मचारी को तहसील क्षेत्र से बाहर न जाने की हिदायत दी गई है। सायरन बजते ही तहसील परिसर में एकत्र होने और कुंवारी गांव के लिए मूव करने को हर समय तैयार रहने को कहा गया।
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भू गर्भीय हलचल के कारण फट रही है कुंवारी गांव की जमीन
अतिसंवेदनशील कुंवारी गांव की जमीन भू गर्भीय हलचल के कारण फट रही है। जमीन के अंदर भारी मात्रा में ऊर्जा एकत्र है। ऊर्जा के बाहर निकलने के कारण ही पहाड़ी के दरकने की घटना हुई है। यह बात भू-वैज्ञानिक रवि नेगी ने कही। कुंवारी गांव का जायजा लेकर लौटे भू वैज्ञानिक नेगी ने पहाड़ी के फटने को भू गर्भीय हलचल बताया। उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में कुंवारी गांव बसा है वह क्षेत्र थ्रस्टिंग जोन में आता है।
धरती के अंदर प्लेटों में काफी ऊर्जा एकत्र होती है। इसी ऊर्जा के बाहर निकलने से एकाएक जमीन फट गई और कंपन के कारण पहाड़ी से पत्थर गिरने लगे। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में धरती के अंदर लंबे समय से ऊर्जा एकत्र हो रही थी। जो बड़ी घटना का कारण भी बन सकता था। क्योंकि धरती के भीतर एकत्र हो रही ऊर्जा किस स्थान पर बाहर निकलेगी इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। वरुणावत में भी इसी तरह की भूगर्भीय हलचल के कारण पहाड़ी दरकी थी। उनके अनुसार कुंवारी के हालात इस समय चिंताजनक हैं। पहाड़ी से आबादी की ओर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसे प्रशासन को सौंपा जा रहा है।