{"_id":"323845792a823652767efb4bce0060ac","slug":"compensation-six-years-found-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल से मुआवजे को घिस रहे एड़ियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल से मुआवजे को घिस रहे एड़ियां
ब्यूरो /अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्माणाधीन कपकोट-पोलिंग सड़क के निर्माण में कटी पनौरा गांव के काश्तकार की भूमि और फलदार पेड़ों का छह साल बाद भी मुआवजा नहीं मिल सका है। मुआवजे के लिए वह लोनिवि के कई चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन आज तक किसी ने भी नहीं सुनी है।
विज्ञापन
काश्तकार ने अब मुआवजा शीघ्र न मिलने पर आंदोलन शुरू करने की चेेतावनी दी है। काश्तकार गंगा सिंह कपकोटी ने बताया कि निर्माणाधीन कपकोट-पोलिंग सड़क के कटान में उसकी भारी मात्रा में भूमि कट गई थी जबकि आम, अमरूद और पपीते के कई पेड़ कट गए थे।
विज्ञापन
मुआवजे के लिए वह 2009 से प्रयासरत हैं। लोनिवि सुरक्षा दीवार भी नहीं लगा रहा है। इससे उसकी बची जमीन बरसात में कटते जा रही है। यहां बनाया गया कल्मठ भी ढंग का नहीं है जबकि तब से मलबा भी सड़क पर पड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी से समस्याओं का समाधान शीघ्र कराने के लिए लोनिवि को सख्त निर्देश देने की मांग की है।
विज्ञापन