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शामा के कृषक समूहों ने सात टन आलू हल्द्वानी भेजा
बागेश्वर, अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 08 Aug 2017 12:22 AM IST
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बागेश्वर में सामूहिक खेती
- फोटो : अमर उजाला
कपकोट (बागेश्वर)। ग्राम्या परियोजना फेज टू के तहत संचालित इच्छुुक कृषक समूहों ने यहां सामूहिक खेती कर सामूहिक बाजारीकरण की नीति अपनाई है। इसके तहत नई तकनीक, वैज्ञानिक विधि से खेती के माध्यम से आर्थिक उन्नति के टिप्स दिए गए। किसानों से कहा कि वैज्ञानिक तरीके से कृषि करने से ही आर्थिक आमदनी दोगुनी होगी। गोष्ठी के बाद शामा के कृषक समूहों ने सात टन आलू हल्द्वानी भेजा।
शामा में ग्राम्या विकास परियोजना बागेश्वर और सहयोगी इकाई एग्री बिजनेस सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एबीएसए) अल्मोड़ा की सुधा टीम के सहयोग से कृषक इच्छुक समूह मां भगवती और सास-बहू समूह के 10 सदस्यों ने सात टन आलू हल्द्वानी मंडी में बेचने के लिए भेजा। ग्राम्या परियोजना द्वारा जानकारी दी गई कि इस सीजन में इस क्षेत्र से 25 से 30 टन आलू हल्द्वानी भेजा जा चुका है।
उप परियोजना निदेशक आरके सिंह ने बताया कि आलू उत्पादक क्षेत्रों में ग्राम्या की ओर से प्रमाणित और हाइब्रिड बीज उपलब्ध कराए गए। एबीएसए टीम के मार्गदर्शन में किसानों ने न्यूनतम रसायनों का उपयोग कर जैविक विधि से फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। सामूहिक बाजारीकरण से उत्पादों का विपणन किया जाएगा। सुधा टीम के लीडर नरेश बिनवाल ने बताया कि परियोजना क्षेत्र के कृषकों को जैविक खेती केे लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषक समूहों से योजना का पूरा लाभ उठाने को कहा।
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शामा में ग्राम्या विकास परियोजना बागेश्वर और सहयोगी इकाई एग्री बिजनेस सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (एबीएसए) अल्मोड़ा की सुधा टीम के सहयोग से कृषक इच्छुक समूह मां भगवती और सास-बहू समूह के 10 सदस्यों ने सात टन आलू हल्द्वानी मंडी में बेचने के लिए भेजा। ग्राम्या परियोजना द्वारा जानकारी दी गई कि इस सीजन में इस क्षेत्र से 25 से 30 टन आलू हल्द्वानी भेजा जा चुका है।
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उप परियोजना निदेशक आरके सिंह ने बताया कि आलू उत्पादक क्षेत्रों में ग्राम्या की ओर से प्रमाणित और हाइब्रिड बीज उपलब्ध कराए गए। एबीएसए टीम के मार्गदर्शन में किसानों ने न्यूनतम रसायनों का उपयोग कर जैविक विधि से फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। सामूहिक बाजारीकरण से उत्पादों का विपणन किया जाएगा। सुधा टीम के लीडर नरेश बिनवाल ने बताया कि परियोजना क्षेत्र के कृषकों को जैविक खेती केे लिए प्रेरित किया जा रहा है। कृषक समूहों से योजना का पूरा लाभ उठाने को कहा।
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