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जमीन के अधिग्रहण की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में नाराजगी
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बागेश्वर के द्यांगण में जमीन अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिला मुख्यालय से सटे द्यांगण गांव की जमीन का सरकारी आवास निर्माण के लिए अधिग्रहण किए जाने की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में नाराजगी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिग्रहण के विरोध में गांव में प्रदर्शन किया और कैबिनेट मंत्री को ज्ञापन देकर आवास बनाने के लिए उपजाऊ जमीन की बजाय अन्यत्र भूमि का चयन करने की मांग की। जबरन जमीन का अधिग्रहण किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि द्यांगण में जिला जजी के आवास बनाने के लिए जमीन के अधिग्रहण की चर्चा चल रही है। इसका सभी ग्रामीण एक स्वर में विरोध करते हैं। कहा कि उपजाऊ और सिंचित जमीन से ग्रामीणों को अन्न मिलता है। आवास बनाने के लिए जमीन को अधिग्रहीत किया गया तो ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री से मामले का संज्ञान लेने और जमीन के अधिग्रहण को रोकने की मांग की। इस मौके पर भाजयुमो के जिला महामंत्री आदर्श कठायत, ग्राम प्रधान भूपेश कठायत, गिरीश परिहार, धनुली देवी, ललिता देवी, हंसी देवी आदि मौजूद रहे।
उपजाऊ जमीन को आवास बनाने के लिए अधिग्रहण करना सही नहीं है। इस जमीन से सैकड़ों ग्रामीणों की रोजी-रोटी जुड़ी है। आवास के लिए अन्यत्र जमीन तलाशी जानी चाहिए।
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कमला राणा, ग्रामीण, फोटो
द्यांगण गांव के लोग खेतीबाड़ी का काम करते हैं। अगर उनकी जमीन पर आवास बनेंगे तो खेती का काम प्रभावित होगा। लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ेगा। उपजाऊ जमीन पर सरकारी आवास नहीं बनने चाहिए।
दीपा कठायत, ग्रामीण
सरकारी आवास बनाने के लिए जिला मुख्यालय के आसपास अन्यत्र स्थान चयनित किया जा सकता है। उपजाऊ जमीन को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। शासन-प्रशासन को इस मामले में उचित निर्णय लेना चाहिए।
ममता कठायत, ग्रामीण
उपजाऊ जमीन को आवास निर्माण के लिए अधिग्रहण करने का सभी ग्रामीण एक स्वर में विरोध करते हैं। कैबिनेट मंत्री के सामने समस्या को रखा जा रहा है। जमीन ग्रामीणों की धरोहर है, इसे सरकारी आवास बनाने के लिए अधिग्रहण नहीं करने दिया जाएगा।
भूपेश कठायत, ग्राम प्रधान द्यांगण
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कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास को भेजे ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि द्यांगण में जिला जजी के आवास बनाने के लिए जमीन के अधिग्रहण की चर्चा चल रही है। इसका सभी ग्रामीण एक स्वर में विरोध करते हैं। कहा कि उपजाऊ और सिंचित जमीन से ग्रामीणों को अन्न मिलता है। आवास बनाने के लिए जमीन को अधिग्रहीत किया गया तो ग्रामीणों की रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री से मामले का संज्ञान लेने और जमीन के अधिग्रहण को रोकने की मांग की। इस मौके पर भाजयुमो के जिला महामंत्री आदर्श कठायत, ग्राम प्रधान भूपेश कठायत, गिरीश परिहार, धनुली देवी, ललिता देवी, हंसी देवी आदि मौजूद रहे।
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उपजाऊ जमीन को आवास बनाने के लिए अधिग्रहण करना सही नहीं है। इस जमीन से सैकड़ों ग्रामीणों की रोजी-रोटी जुड़ी है। आवास के लिए अन्यत्र जमीन तलाशी जानी चाहिए।
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कमला राणा, ग्रामीण, फोटो
द्यांगण गांव के लोग खेतीबाड़ी का काम करते हैं। अगर उनकी जमीन पर आवास बनेंगे तो खेती का काम प्रभावित होगा। लोगों की दिनचर्या पर भी असर पड़ेगा। उपजाऊ जमीन पर सरकारी आवास नहीं बनने चाहिए।
दीपा कठायत, ग्रामीण
सरकारी आवास बनाने के लिए जिला मुख्यालय के आसपास अन्यत्र स्थान चयनित किया जा सकता है। उपजाऊ जमीन को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। शासन-प्रशासन को इस मामले में उचित निर्णय लेना चाहिए।
ममता कठायत, ग्रामीण
उपजाऊ जमीन को आवास निर्माण के लिए अधिग्रहण करने का सभी ग्रामीण एक स्वर में विरोध करते हैं। कैबिनेट मंत्री के सामने समस्या को रखा जा रहा है। जमीन ग्रामीणों की धरोहर है, इसे सरकारी आवास बनाने के लिए अधिग्रहण नहीं करने दिया जाएगा।
भूपेश कठायत, ग्राम प्रधान द्यांगण