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ढालन-खुनौली सड़क पर सात साल बाद होने लगा डामर
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बागेश्वर के ढालन-खुनौली सड़क पर चल रहा डामरीकरण का काम। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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कांडा (बागेश्वर)। कांडा के ढालन-खुनौली मोटर मार्ग पर करीब सात साल बाद डामरीकरण होने लगा है। करीब नौ किमी लंबी सड़क के केवल तीन किमी हिस्से में फिलहाल डामर हो रहा है।
ढालन-खुनौली सड़क की हालत पिछले सात वर्षों से खराब थी। सड़क पर डामर पूरी तरह से उखड़ गया था। स्क्रबर क्षतिग्रस्त हो गए थे। गड्ढों में तब्दील सड़क पर वाहन संचालन में खासी दिक्कत आ रही थी। क्षेत्र के लोग सड़क की दशा सुधारने की मांग कई वर्षों से कर रहे थे। अमर उजाला ने भी इस मामले को पिछले दो साल से लगातार उठाया। अब लोनिवि का कपकोट डिविजन तीन किमी हिस्से में डामरीकरण कर रहा है। 6 किमी हिस्सा अब भी कच्चा ही रहेगा। तीन किमी हिस्से में भी डामर होने से यातायात संचालन में कुछ सहूलियत अवश्य होगी।
खुनौली निवासी कवि कांडपाल का कहना है कि विभाग को शेष 6 किमी हिस्से में भी डामरीकरण तत्काल करना चाहिए। तभी सड़क का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। उधर, लोनिवि कपकोट डिवीजन के ईई संजय कुमार पांडेय का कहना है कि फिलहाल तीन किमी हिस्से में डामरीकरण किया जा रहा है। शेष 6 किमी हिस्से में डामरीकरण के लिए बजट का प्रबंध किया जा रहा है। बजट उपलब्ध होते ही शेष हिस्से में भी डामरीकरण कर दिया जाएगा।
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ढालन-खुनौली सड़क की हालत पिछले सात वर्षों से खराब थी। सड़क पर डामर पूरी तरह से उखड़ गया था। स्क्रबर क्षतिग्रस्त हो गए थे। गड्ढों में तब्दील सड़क पर वाहन संचालन में खासी दिक्कत आ रही थी। क्षेत्र के लोग सड़क की दशा सुधारने की मांग कई वर्षों से कर रहे थे। अमर उजाला ने भी इस मामले को पिछले दो साल से लगातार उठाया। अब लोनिवि का कपकोट डिविजन तीन किमी हिस्से में डामरीकरण कर रहा है। 6 किमी हिस्सा अब भी कच्चा ही रहेगा। तीन किमी हिस्से में भी डामर होने से यातायात संचालन में कुछ सहूलियत अवश्य होगी।
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खुनौली निवासी कवि कांडपाल का कहना है कि विभाग को शेष 6 किमी हिस्से में भी डामरीकरण तत्काल करना चाहिए। तभी सड़क का लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। उधर, लोनिवि कपकोट डिवीजन के ईई संजय कुमार पांडेय का कहना है कि फिलहाल तीन किमी हिस्से में डामरीकरण किया जा रहा है। शेष 6 किमी हिस्से में डामरीकरण के लिए बजट का प्रबंध किया जा रहा है। बजट उपलब्ध होते ही शेष हिस्से में भी डामरीकरण कर दिया जाएगा।
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