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Bageshwar News: केंद्रीय अधिकारियों ने किया रेशम उत्पादन परियोजना का निरीक्षण
Mon, 29 Apr 2024 10:14 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 29 Apr 2024 10:14 PM IST
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कपकोट के फरसाली में रेशम उत्पादन का निरीक्षण करते केंद्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारी। संवाद
कपकोट (बागेश्वर)।
केंद्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारियों ने फरसाली पल्ली में ओक टसर विकास परियोजना के तहत चल रहे रेशम उत्पादन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मणिपुरी बांज के पौधों की ग्रोथ देखी और कीटपालन का जायजा लिया। किसानों की समस्याएं सुनकर कार्यदायी संस्था को किसानों को रेशम का धागा बनाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कपकोट के फरसाली पल्ली, मल्लादेश समेत कई गांवों में संजीवनी विकास एवं जनकल्याण समिति पांच साल से रेशम उत्पादन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलुरु के सदस्य सचिव आईएफएस पी शिव कुमार, सीटीआरटीआई रांची के निदेशक डॉ. एनवी चौधरी, रेशम निदेशक देहरादून प्रदीप कुमार और भीमताल के वैज्ञानिक एसएस वर्मा ने रेशम उत्पादन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। किसानों ने अधिकारियों ने रेशम के कोकून के दाम बढ़ाने और कीटपालन के समय बीमा करवाने की मांग की। किसानों से फायर सीजन में मणिपुरी बांज के पौधों को आग से बचाने, स्थानीय बांज के पौधों पर भी रेशम उत्पादन करने को कहा। वहां पर सहायक निदेशक रमेश कोठारी, संस्था के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर संतोष कुमार जोशी, विनोद सिंह घुघुत्याल, दीवान सिंह कपकोटी, किसान कैलाश मर्तोलिया, सुरेश सिंह मर्तोलिया, भूपेंद्र सिंह आदि थे।
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केंद्रीय रेशम बोर्ड के अधिकारियों ने फरसाली पल्ली में ओक टसर विकास परियोजना के तहत चल रहे रेशम उत्पादन का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मणिपुरी बांज के पौधों की ग्रोथ देखी और कीटपालन का जायजा लिया। किसानों की समस्याएं सुनकर कार्यदायी संस्था को किसानों को रेशम का धागा बनाने का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कपकोट के फरसाली पल्ली, मल्लादेश समेत कई गांवों में संजीवनी विकास एवं जनकल्याण समिति पांच साल से रेशम उत्पादन के क्षेत्र में कार्य कर रही है। केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलुरु के सदस्य सचिव आईएफएस पी शिव कुमार, सीटीआरटीआई रांची के निदेशक डॉ. एनवी चौधरी, रेशम निदेशक देहरादून प्रदीप कुमार और भीमताल के वैज्ञानिक एसएस वर्मा ने रेशम उत्पादन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर प्रगति की जानकारी ली। किसानों ने अधिकारियों ने रेशम के कोकून के दाम बढ़ाने और कीटपालन के समय बीमा करवाने की मांग की। किसानों से फायर सीजन में मणिपुरी बांज के पौधों को आग से बचाने, स्थानीय बांज के पौधों पर भी रेशम उत्पादन करने को कहा। वहां पर सहायक निदेशक रमेश कोठारी, संस्था के प्रोजेक्ट कोआर्डिनेटर संतोष कुमार जोशी, विनोद सिंह घुघुत्याल, दीवान सिंह कपकोटी, किसान कैलाश मर्तोलिया, सुरेश सिंह मर्तोलिया, भूपेंद्र सिंह आदि थे।