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रामगंगा के अस्थायी पुल से गिरकर व्यापारी की मौत
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जगत सिंह कार्की। फाइल फोटो
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। दुकान बंद कर घर को जा रहे नाचनी (पिथौरागढ़) कस्बे में दुकान चलाने वाले कपकोट विकासखंड के भकोना गांव के व्यापारी की रामगंगा में बने लकड़ी के अस्थायी पुल से गिरने से मौत हो गई। जगत सिंह कालापैर काभड़ी की पूर्व प्रधान चंपा देवी के पति थे। रविवार को शोक में नाचनी का बाजार बंद रहा।
भकोना (कालापैर काभड़ी) निवासी जगत सिंह (48) पुत्र स्वर्गीय भवान सिंह नाचनी बाजार में परचून की दुकान चलाते थे। शनिवार की शाम को वह रामगंगा में बने अस्थायी पुल से घर को जा रहे थे। वह पुल से नदी में जा गिरे। शाम सात बजे तक भी जब जगत सिंह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने ढूंढखोज की। शाम को करीब साढ़े सात बजे अस्थायी पुल से करीब सौ मीटर नीचे नदी में गिरे मिले। परिजन उन्हें तेजम अस्पताल लेकर गए। डॉ. आमिर खान ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रविवार को तेजम अस्पताल में नाचनी थाने के उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने शव का पंचनामा भरा। तेजम में ही शव का पोस्टमार्टम किया गया। जगत सिंह की पत्नी चंपा देवी, मां तुलसी देवी, पुत्र दीपक, पुत्री भावना का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक नाचनी जीआईसी में कक्षा 12 में पढ़ता है। भावना कक्षा 10 में पढ़ती हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश बथियाल, ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की और कई व्यापारियों ने जगत सिंह की मृत्यु पर दुख जताया है। परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
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2018 में ध्वस्त हो गया था झूलापुल
जिले के कालापैर काभड़ी, भकोना क्षेत्र को पिथौरागढ़ से जोड़ने के लिए रामगंगा में बना झूलापुल जुलाई 2018 की बरसात में बह गया था। तब से इस स्थान पर अस्थायी पुलिया से आवागमन होता है। बरसात में जलस्तर बढ़ने पर ट्राली से लोग आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि झूलापुल का पुनर्निर्माण न होना लोगों की जान के लिए आफत बन गया है।
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भकोना (कालापैर काभड़ी) निवासी जगत सिंह (48) पुत्र स्वर्गीय भवान सिंह नाचनी बाजार में परचून की दुकान चलाते थे। शनिवार की शाम को वह रामगंगा में बने अस्थायी पुल से घर को जा रहे थे। वह पुल से नदी में जा गिरे। शाम सात बजे तक भी जब जगत सिंह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने ढूंढखोज की। शाम को करीब साढ़े सात बजे अस्थायी पुल से करीब सौ मीटर नीचे नदी में गिरे मिले। परिजन उन्हें तेजम अस्पताल लेकर गए। डॉ. आमिर खान ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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रविवार को तेजम अस्पताल में नाचनी थाने के उप निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने शव का पंचनामा भरा। तेजम में ही शव का पोस्टमार्टम किया गया। जगत सिंह की पत्नी चंपा देवी, मां तुलसी देवी, पुत्र दीपक, पुत्री भावना का रो-रोकर बुरा हाल है। दीपक नाचनी जीआईसी में कक्षा 12 में पढ़ता है। भावना कक्षा 10 में पढ़ती हैं। व्यापार मंडल अध्यक्ष हरीश बथियाल, ग्राम प्रधान गंगा सिंह कार्की और कई व्यापारियों ने जगत सिंह की मृत्यु पर दुख जताया है। परिजनों को मुआवजा देने की मांग की है।
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2018 में ध्वस्त हो गया था झूलापुल
जिले के कालापैर काभड़ी, भकोना क्षेत्र को पिथौरागढ़ से जोड़ने के लिए रामगंगा में बना झूलापुल जुलाई 2018 की बरसात में बह गया था। तब से इस स्थान पर अस्थायी पुलिया से आवागमन होता है। बरसात में जलस्तर बढ़ने पर ट्राली से लोग आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि झूलापुल का पुनर्निर्माण न होना लोगों की जान के लिए आफत बन गया है।