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उत्तरायणी मेले से पहले सात लाख रुपये में खरीदा बायोटॉयलेट

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 11:39 PM IST
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Bought biotoylet for seven lakh rupees
नगर पालिका बागेश्वर की ओर से खरीदे गए मोबाइल बायोटॉयलेट। - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। नगर में इसी माह उत्तरायणी मेला लगेगा। इसकी तैयारी के लिए नुमाइशखेत मैदान में स्टाल, प्रदर्शनी लगाने का स्थान तय हो गया है। पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल और ईओ राजदेव जायसी ने संयुक्त रूप से स्थल आवंटित किए। उम्मीद जताई कि एक-दो दिन में नुमाइशखेत मैदान में टिनशेड की दुकान बनाने का काम शुरू हो जाएगा। मेले के लिए पालिका ने करीब 7.5 लाख रुपये में मोबाइल बायोटॉयलेट खरीदा है। इसमें कुल आठ सीटें हैं। इनमें महिला-पुरुषों की चार-चार सीटें तय हैं।
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मेले में आने वालों की सुविधा के लिए पालिका सरयू, गोमती में चार अस्थायी पुल बना रही है। इनमें से तीन पुलों का काम शुरू हो गया है। कई लोग निर्माणाधीन पुलों से ही नदी पार कर रहे हैं। इससे दुर्घटना का भी खतरा बना है, हालांकि पालिका प्रशासन ने कार्यस्थल पर प्रवेश निषेध का बोर्ड भी लगाया है। ईओ ने बताया कि नगर के होटल संचालकों से भी बायोटॉयलेट लगाने को कहा गया है। होटलों का पंजीकरण पर्यटन विभाग में होता है। इसलिए विभाग ने भी होटल संचालकों को इसके नोटिस भेज दिए हैं।
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कुत्ते के पिल्ले बेचने पर रोक हटाई जाए
बागेश्वर। व्यापारियों ने उत्तरायणी मेले में कुत्ते के पिल्ले बेचने पर लगी रोक हटाने की मांग की है। उन्होंने मेले में कुत्ते के पिल्लों को बेचने के लिए अनुमति भी मांगी है।
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कपकोट के ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू और समाजसेवी लक्ष्मण सिंह देव के नेतृत्व में व्यापारियों का शिष्टमंडल शुक्रवार को कलक्ट्रेट और विकास भवन पहुंचा। उन्होंने डीएम रंजना राजगुरु और सीवीओ डॉ. उदयशंकर को ज्ञापन सौंपा। बताया कि प्रशासन ने उत्तरायणी मेले में कुत्तों के पिल्लों को बेचने पर रोक लगाई है, जबकि सैकड़ों लोग इस व्यवसाय में लगे हैं। यह परंपरा सदियों से उत्तरायणी मेले में चली आ रही है। पशुपालन विभाग का दुर्गम क्षेत्रों में जाकर टीका लगाना संभव नहीं है।

इसके बावजूद एसडीएम बागेश्वर की अध्यक्षता में गठित निगरानी समिति ने नए नियमों का पालन करवाने के लिए टीकाकरण, पंजीकरण को जरूरी बताया है। पिल्लों की उम्र भी तय की गई है जो कि व्यवहारिक नहीं है क्योंकि खरीदार स्वयं पिल्लों की देखभाल और टीकाकरण की जिम्मेदारी लेता है। शिष्टमंडल ने जिला प्रशासन से दूूूरदराज से पहुंचे ग्रामीणों समेत बाहरी व्यवसायियों को भी प्रोत्साहन देने की मांग की है। शिष्टमंडल में तीख के ग्राम प्रधान करन दानू, आलम दानू, सुंदर सिंह, मुकेश दानू, धर्मेंद्र दानू, प्रवीन कोरंगा, दीपक घस्याल, चरन टाकुली आदि शामिल रहे।
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