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Bageshwar News: तीन गांवों के श्रमदान और सहयोग से संवरेगा भगवती मंदिर
Thu, 29 Oct 2026 01:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Thu, 29 Oct 2026 01:15 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। क्षेत्र के बदियाकोट स्थित आदि शक्ति मां भगवती मंदिर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब मंदिर के भव्य पुनर्निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मंदिर का यह पुनर्निर्माण पूरी तरह से पुरातन और पारंपरिक स्थापत्य शैली में किया जाएगा। खास बात यह है कि मंदिर के गर्भगृह में लकड़ी की नक्काशी नहीं होगी और इसके निर्माण में किसी भी सरकारी धन या बाहरी संस्थाओं के दान का उपयोग नहीं किया जाएगा। बोरबलड़ा, कालों और बदियाकोट तीनों गांवों के ग्रामीण आपसी श्रमदान और स्वैच्छिक सहयोग से इस पवित्र कार्य को पूरा करेंगे।
अग्निकांड के बाद मंदिर की पवित्रता और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए 20 से 25 अक्तूबर तक पांच दिवसीय शांति अनुष्ठान, गोदान, तिलदान और शास्त्रोक्त कर्म विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए। मंदिर के पुरोहित पूरन चंद्र जोशी और नीरज जोशी, डांगर पुष्कर सिंह दानू, ग्राम प्रधान राजेंद्र दानू, धर्मेंद्र दानू, गोविंद दानू, विजय दानू, राजेंद्र सिंह सहित बोरबलड़ा के मुख्य धामी देव सिंह दानू और बदियाकोट के मंगल सिंह दानू की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान पूरे हुए। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद तीनों गांवों के ग्रामीणों और मंदिर समिति की सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 19 नवंबर को मंदिर में प्रायश्चित हवन और सर्वकार्य आरंभ यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद मुख्य धामी देव सिंह दानू और मंगल सिंह दानू मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखकर विधिवत निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे।
श्रद्धालुओं से निजी खातों में पैसा न भेजने की अपील
मंदिर समिति के अध्यक्ष भरत दानू ने बताया कि पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और आगामी वर्ष नंदाष्टमी तक मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर भव्य पूजा आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि अग्निकांड के नाम पर कुछ लोग निजी बैंक खातों में सहयोग राशि मांग सकते हैं जबकि मंदिर समिति अपने स्तर पर पुनर्निर्माण कराने में पूरी तरह सक्षम है। अध्यक्ष भरत दानू ने श्रद्धालुओं और आम जनमानस से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत या निजी बैंक खाते में धनराशि जमा न करें। यदि भविष्य में आधिकारिक सहयोग की आवश्यकता पड़ी, तो समिति की ओर से उसका आधिकारिक खाता सार्वजनिक किया जाएगा।
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ऐतिहासिक श्री ब्रदीनाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी पहचान
अल्मोड़ा। सल्ट विकासखंड स्थित करगेत गांव का ऐतिहासिक श्री ब्रदीनाथ मंदिर जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। योजना के तहत मंदिर का सौंदर्यीकरण कर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने मंदिर को सहेजने के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इस पहल से एक ओर प्राचीन धार्मिक धरोहर का संरक्षण होगा वहीं क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे।
करगेत गांव स्थित प्राचीन श्री बद्रीनाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। पर्यटन विभाग ने लोगों की आस्था से जुड़े इस प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर मंदिर को संरक्षित कर यहां पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी तो यहां पर्यटकों को संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
प्राचीन मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मंदिर के संरक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। - प्रदीप कुमार गौतम, उपनिदेशक पर्यटन विभाग अल्मोड़ा
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अग्निकांड के बाद मंदिर की पवित्रता और धार्मिक परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए 20 से 25 अक्तूबर तक पांच दिवसीय शांति अनुष्ठान, गोदान, तिलदान और शास्त्रोक्त कर्म विधि-विधान के साथ संपन्न कराए गए। मंदिर के पुरोहित पूरन चंद्र जोशी और नीरज जोशी, डांगर पुष्कर सिंह दानू, ग्राम प्रधान राजेंद्र दानू, धर्मेंद्र दानू, गोविंद दानू, विजय दानू, राजेंद्र सिंह सहित बोरबलड़ा के मुख्य धामी देव सिंह दानू और बदियाकोट के मंगल सिंह दानू की मौजूदगी में धार्मिक अनुष्ठान पूरे हुए। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद तीनों गांवों के ग्रामीणों और मंदिर समिति की सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 19 नवंबर को मंदिर में प्रायश्चित हवन और सर्वकार्य आरंभ यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद मुख्य धामी देव सिंह दानू और मंगल सिंह दानू मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखकर विधिवत निर्माण कार्य का शुभारंभ करेंगे।
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श्रद्धालुओं से निजी खातों में पैसा न भेजने की अपील
मंदिर समिति के अध्यक्ष भरत दानू ने बताया कि पुनर्निर्माण के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और आगामी वर्ष नंदाष्टमी तक मंदिर का निर्माण कार्य पूरा कर भव्य पूजा आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। समिति ने स्पष्ट किया है कि अग्निकांड के नाम पर कुछ लोग निजी बैंक खातों में सहयोग राशि मांग सकते हैं जबकि मंदिर समिति अपने स्तर पर पुनर्निर्माण कराने में पूरी तरह सक्षम है। अध्यक्ष भरत दानू ने श्रद्धालुओं और आम जनमानस से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत या निजी बैंक खाते में धनराशि जमा न करें। यदि भविष्य में आधिकारिक सहयोग की आवश्यकता पड़ी, तो समिति की ओर से उसका आधिकारिक खाता सार्वजनिक किया जाएगा।
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ऐतिहासिक श्री ब्रदीनाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में मिलेगी पहचान
अल्मोड़ा। सल्ट विकासखंड स्थित करगेत गांव का ऐतिहासिक श्री ब्रदीनाथ मंदिर जल्द नए स्वरूप में नजर आएगा। योजना के तहत मंदिर का सौंदर्यीकरण कर यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। पर्यटन विभाग ने मंदिर को सहेजने के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। इस पहल से एक ओर प्राचीन धार्मिक धरोहर का संरक्षण होगा वहीं क्षेत्र में पर्यटन कारोबार को भी पंख लगेंगे।
करगेत गांव स्थित प्राचीन श्री बद्रीनाथ मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद शुरू हो चुकी है। पर्यटन विभाग ने लोगों की आस्था से जुड़े इस प्राचीन मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने पर मंदिर को संरक्षित कर यहां पर्यटकों की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मंदिर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी तो यहां पर्यटकों को संख्या बढ़ेगी। इससे स्थानीय स्तर पर बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
प्राचीन मंदिर में सौंदर्यीकरण कार्य के लिए शासन को 10 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मंदिर के संरक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। - प्रदीप कुमार गौतम, उपनिदेशक पर्यटन विभाग अल्मोड़ा