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बैंकों के साथ ही एटीएम के शटर भी रहे डाउन
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 14 Nov 2016 11:16 PM IST
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कैश पाने को परेशान रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोटों को बंद करने के बाद पैदा हुई दिक्कत सोमवार को बैंकों के बंद रहने से और अधिक बढ़ गई। बागेश्वर में बैंकों के साथ ही अधिकतर एटीएम के शटर भी डाउन रहे। पूरे शहर में एकमात्र एसबीआई के एटीएम से रुपए निकले। इस एटीएम पर दिनभर लोगों की कतार लगी रही।
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सोमवार को बैंकों के बंद होने से अन्य दिनों की अपेक्षा शहर में सुनसानी रही। करेंसी न होने से लोगों को एटीएम ने भी निराश किया। सुबह के समय पीएनबी के एटीएम ने भी काम किया लेकिन करेंसी समाप्त होते ही लोगों की लंबी लाइन छंट गई। एटीएम से रुपए निकालने के लिए घरों से निकले अधिकतर लोग पूरे शहर के चक्कर लगाने के बाद खाली हाथ घरों को लौटे।
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कुछ लोग रुपए के लिए एसबीआई के एटीएम में लगी कतार में शामिल हो गए। एसबीआई के एटीएम में देर शाम तक रुपए निकालने के लिए लोग कतार में खड़े रहे। ग्रामीण क्षेत्रों से कुछ लोग बैंक खुला होने की उम्मीद में बड़े नोट जिला मुख्यालय पहुंचे।
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बैंक बंद होने का पता चलने पर लोगों को निराश लौटना पड़ा। बैंक के अधिकारियों के अनुसार जिले में नई करेंसी पहुंच गई है। मंगलवार से दो हजार रुपए के नोट भी ग्राहकों को दिए जाएंगे। सोमवार को बैंकों के बंद होने से मंगलवार को लेनदेन के लिए भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
बागेश्वर। पांच सौ और एक हजार रुपए के नोटों के बंद होने से लोगों की जेबें खाली हो गई हैं। बैंकों में तो लाखों रुपए हैं लेकिन जेब में फूटी कौड़ी तक नहीं है। बंद हो चुके नोट बैंक में जमा करने के बाद नई करेंसी हाथ में न आने के कारण लोगों को रोटी से लेकर मोबाइल रीचार्ज तक उधार करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जो लोग गली-मोहल्लों की दुकानों से हमेशा नकद खरीदारी करते थे, उनका नाम भी दुकानदारों के उधारी रजिस्टर में दर्ज हो गया है।