{"_id":"692dddfd992a8628680394fe","slug":"baisi-puja-concluded-with-purnahuti-and-bhandara-doors-closed-bageshwar-news-c-231-1-shld1005-120376-2025-12-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: पूर्णाहुति और भंडारे के साथ बैसी पूजा संपन्न, कपाट बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: पूर्णाहुति और भंडारे के साथ बैसी पूजा संपन्न, कपाट बंद
Mon, 01 Dec 2025 11:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 01 Dec 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के खुनौली गांव में बैसी पूजाके समापन पर हवन करते श्रद्धालु। संवाद
कांडा (बागेश्वर)। खुनौली के हरज्यू मंदिर थकलाट में आयोजित 11 दिवसीय बैसी पूजा का पारायण हो गया है। समापन दिवस पर मंदिर में हवन-यज्ञ और भंडारा कराया गया। ग्रामीणों ने भगवान हरज्यू से क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। पूजा के बाद मंदिर के कपाट अगले आयोजन तक बंद किए गए।
हरज्यू मंदिर थकलाट में तीन साल बाद आयोजित बैसी पूजा के समापन पर पुरोहित मनोज पांडेय ने हवन कराया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के कल्याण की कामना के साथ हवन किया। दोपहर बाद आयोजित भंडारे में क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
पुजारी गणेश कांडपाल ने बताया कि बैसी पूजा संपन्न होने के परंपरा अनुसार मंदिर के कपाट बंद कर दिये हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष दीप चंद्र कांडपाल ने आयोजन को सफल बनाने में सभी ग्रामीणों आभार जताया।
विज्ञापन
इस मौके पर तारा दत्त कांडपाल, हरीश पांडेय, आनंद कांडपाल, प्रेम बल्लभ कांडपाल, हरीश पंत, खष्टा बल्लभ जोशी, शंकर भट्ट, भैरव दत्त कांडपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
हरज्यू मंदिर थकलाट में तीन साल बाद आयोजित बैसी पूजा के समापन पर पुरोहित मनोज पांडेय ने हवन कराया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के कल्याण की कामना के साथ हवन किया। दोपहर बाद आयोजित भंडारे में क्षेत्र से सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
पुजारी गणेश कांडपाल ने बताया कि बैसी पूजा संपन्न होने के परंपरा अनुसार मंदिर के कपाट बंद कर दिये हैं। मंदिर समिति के अध्यक्ष दीप चंद्र कांडपाल ने आयोजन को सफल बनाने में सभी ग्रामीणों आभार जताया।
विज्ञापन
इस मौके पर तारा दत्त कांडपाल, हरीश पांडेय, आनंद कांडपाल, प्रेम बल्लभ कांडपाल, हरीश पंत, खष्टा बल्लभ जोशी, शंकर भट्ट, भैरव दत्त कांडपाल आदि मौजूद रहे।