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बालिकाओं की टॉपर रबीना ने पुराने प्रश्नपत्र हल कर की तैयारी, गाड़े सफलता के झंडे
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प्रदेश की बालिका टॉपर रबीना कोरंगा।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। 10वीं की बोर्ड परीक्षा में 98.40 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश की संयुक्त मेरिट में तीसरा और बालिकाओं की मेरिट में पहला स्थान हासिल करने वाली विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज मंडलसेरा की मेधावी रबीना कोरंगा ने बोर्ड परीक्षा के पुराने प्रश्नपत्रों को हल कर परीक्षा की तैयारी की थी। मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली रबीना और उसके भाई, बहन एक ही मोबाइल फोन से ऑनलाइन पढ़ाई करते हैं।
सकलाणी (लाथी) निवासी नरेंद्र सिंह कोरंगा और पार्वती देवी कोरंगा की सुपुत्री रबीना बचपन से ही मेधावी रही हैं। विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की मेधावी रबीना ने अमर उजाला को बातचीत में बताया कि वह एक दिन में मात्र तीन से चार घंटे पढ़ाई करतीं थीं। एक दिन में एक विषय को चुनती थीं और उसी पर ध्यान केंद्रित करती थीं। बोर्ड परीक्षा के पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से उनको परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिली।
रबीना ने बताया कि वह सोशल मीडिया से दूर रहती हैं। तीन भाई, बहनों के पास एक ही एंड्रॉयड मोबाइल फोन था। तीनों इसी फोन से पढ़ाई करते थे। बताती हैं कि जब भाई पढ़ाई कर लेता था, तो वह मोबाइल फोन से पढ़ाई करती थीं। रबीना की दीदी ममता कोरंगा ने इस बार 80 प्रतिशत अंकों के साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। भाई नीरज मेहता इस वर्ष 12वीं का छात्र है।
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उन्होंने बताया कि कोविड की वजह से पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आया। स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई हुई थी। नवीं कक्षा में जरूर कुछ दिक्कत आई थीं। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही क्लास टीचर सुनील गढ़िया को दिया है। बताया कि सुनील सर ने काफी मार्गदर्शन दिया। वह सभी विद्यार्थियों पर बराबर ध्यान देते हैं।
मेधावी रबीना ने भविष्य का लक्ष्य बताते हुए कहा कि वह शिक्षक बनकर विद्यार्थियों का भविष्य संवारना चाहती हैं। इसी लक्ष्य को लेकर आगे की पढ़ाई करेंगी। रबीना के पिता नरेंद्र सिंह कोरंगा राजकीय इंटर कॉलेज माजखेत में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं। मां पार्वती कोरंगा गृहिणी हैं। उनका परिवार बागेश्वर नगर के कठायतबाड़ा में किराए के मकान में रहता है। परीक्षा परिणाम आने के बाद रबीना मां और भाई-बहनों के साथ गांव के लिए रवाना हो र्गइं। पिता गांव में ही हैं। मेधावी रबीना गांव के लोगों के साथ खुशी बांटना चाहती हैं। रबीना की सफलता पर परिजनों, गांव के लोगों के साथ ही विद्यालय में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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सकलाणी (लाथी) निवासी नरेंद्र सिंह कोरंगा और पार्वती देवी कोरंगा की सुपुत्री रबीना बचपन से ही मेधावी रही हैं। विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज की मेधावी रबीना ने अमर उजाला को बातचीत में बताया कि वह एक दिन में मात्र तीन से चार घंटे पढ़ाई करतीं थीं। एक दिन में एक विषय को चुनती थीं और उसी पर ध्यान केंद्रित करती थीं। बोर्ड परीक्षा के पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से उनको परीक्षा की तैयारी में काफी मदद मिली।
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रबीना ने बताया कि वह सोशल मीडिया से दूर रहती हैं। तीन भाई, बहनों के पास एक ही एंड्रॉयड मोबाइल फोन था। तीनों इसी फोन से पढ़ाई करते थे। बताती हैं कि जब भाई पढ़ाई कर लेता था, तो वह मोबाइल फोन से पढ़ाई करती थीं। रबीना की दीदी ममता कोरंगा ने इस बार 80 प्रतिशत अंकों के साथ इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। भाई नीरज मेहता इस वर्ष 12वीं का छात्र है।
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उन्होंने बताया कि कोविड की वजह से पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आया। स्कूल में ऑफलाइन पढ़ाई हुई थी। नवीं कक्षा में जरूर कुछ दिक्कत आई थीं। उन्होंने सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ ही क्लास टीचर सुनील गढ़िया को दिया है। बताया कि सुनील सर ने काफी मार्गदर्शन दिया। वह सभी विद्यार्थियों पर बराबर ध्यान देते हैं।
मेधावी रबीना ने भविष्य का लक्ष्य बताते हुए कहा कि वह शिक्षक बनकर विद्यार्थियों का भविष्य संवारना चाहती हैं। इसी लक्ष्य को लेकर आगे की पढ़ाई करेंगी। रबीना के पिता नरेंद्र सिंह कोरंगा राजकीय इंटर कॉलेज माजखेत में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत हैं। मां पार्वती कोरंगा गृहिणी हैं। उनका परिवार बागेश्वर नगर के कठायतबाड़ा में किराए के मकान में रहता है। परीक्षा परिणाम आने के बाद रबीना मां और भाई-बहनों के साथ गांव के लिए रवाना हो र्गइं। पिता गांव में ही हैं। मेधावी रबीना गांव के लोगों के साथ खुशी बांटना चाहती हैं। रबीना की सफलता पर परिजनों, गांव के लोगों के साथ ही विद्यालय में खुशी का माहौल है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।