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कोरोना संक्रमण बढ़ने से बाहरी प्रदेशों से गांवों को लौटने लगे लोग
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बागेश्वर। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बाद प्रवासियों के गांव लौटने की सिलसिला बढ़ गया है। रोजगार की तलाश में बाहरी प्रदेशों में गए लोग गांव लौटने लगे हैं। इससे गांव में रौनक दिखने लगी है, हालांकि रोजगार छिनने से लोगों के सामने आर्थिक संकट भी हो रहा है।
जिले के अधिकांश युवा सुविधाओं और रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात के महानगरों में हालात बिगड़ गए हैं। इन शहरों में रोजगार करने वाले अधिकतर लोग घरों की ओर लौटने लगे हैं।
बाहरी प्रदेशों से लौट रहे लोगों को इस बार प्रवासियों की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। पिछले वर्ष 33073 प्रवासी बागेश्वर लौटे थे। अक्तूबर 2020 में कोरोना की रफ्तार कम होने से अधिकतर प्रवासी रोजगार की तलाश में दोबारा महानगरों की ओर लौट चुके थे।
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कोरोना की दूसरी लहर ने एक बार फिर बाहरी राज्यों में रोजगार कर रहे लोगों को अपने घरों को लौटने पर विवश कर दिया है। कोरोना बढ़ने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में गुजर बसर कर रहे लोग भी अब अपने जिले में लौटने लगे हैं। अप्रैल में बाहरी राज्यों से करीब 2800 लोग और प्रदेश के जिलों से नौ हजार लोगों की जांच स्टेजिंग एरिया में की गई है।
प्रवासियों के गांव लौटने से बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते एक बार फिर गांवों में प्रवासी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। इसे सल्ट क्षेत्र के ग्राम प्रधान चिंतित हैं। उन्होंने गांवों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग प्रशासन से की है।
प्रधान संगठन तल्ला सल्ट के शिष्टमंडल ने तहसीलदार दलीप सिंह को सौंपा। बताया कि क्षेत्र के गांव में रोज कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रवासी भी बड़ी संख्या में घर लौट रहे हैं। इससे कोरोना का खतरा बढ़ गया है।
आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। ऐसे में यदि कोई घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उन्होंने प्रशासन से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। इनमें हरड़ा तड़ियाल के प्रधान केशव राम, लुहेड़ा की प्रधान कमला देवी, पीनाकोट की प्रधान प्रभा देवी, राधा देवी आदि रहे।
कोरोना संक्रमण के बीच गांव लौट रहे लोगों की करें कड़ी निगरानी
बागेश्वर। कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए सीआरटी, बीआरटी और ग्राम निगरानी समिति की बैठक ली। उन्होंने बाहर से गांव लौट रहे लोगों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें अनिवार्य रूप से क्वारंटीन कराने को कहा।
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए गांव लौटने वालों की संख्या बढ़ गई है। जिस तेजी से लोग आ रहे हैं, उसी तेजी से कोरोना संक्रमण भी फैल रहा है। जिला प्रशासन ने बाहर से आने वालों के लिए होम आइसोलेशन अनिवार्य किया है।
इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए एसडीएम ने अधिकारियों और समितियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए। कहा कि कोरोना गाइडलाइन के पालन में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
गांव लौट रहे लोगों को होम आइसोलेट करवाने, इस दौरान उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने और किसी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल कंट्रोल रूम और नजदीक के अस्पताल में सूचित करने को कहा। बैठक में बीडीओ गंगा गिरी गोस्वामी, तहसीलदार पूजा शर्मा, थानाध्यक्ष मदन लाल सहित निगरानी समितियों के सदस्य मौजूद रहे।
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जिले के अधिकांश युवा सुविधाओं और रोजगार की तलाश में महानगरों की ओर पलायन कर जाते हैं। कोरोना की दूसरी लहर में दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात के महानगरों में हालात बिगड़ गए हैं। इन शहरों में रोजगार करने वाले अधिकतर लोग घरों की ओर लौटने लगे हैं।
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बाहरी प्रदेशों से लौट रहे लोगों को इस बार प्रवासियों की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। पिछले वर्ष 33073 प्रवासी बागेश्वर लौटे थे। अक्तूबर 2020 में कोरोना की रफ्तार कम होने से अधिकतर प्रवासी रोजगार की तलाश में दोबारा महानगरों की ओर लौट चुके थे।
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कोरोना की दूसरी लहर ने एक बार फिर बाहरी राज्यों में रोजगार कर रहे लोगों को अपने घरों को लौटने पर विवश कर दिया है। कोरोना बढ़ने के बाद प्रदेश के अन्य जिलों में गुजर बसर कर रहे लोग भी अब अपने जिले में लौटने लगे हैं। अप्रैल में बाहरी राज्यों से करीब 2800 लोग और प्रदेश के जिलों से नौ हजार लोगों की जांच स्टेजिंग एरिया में की गई है।
प्रवासियों के गांव लौटने से बढ़ा कोरोना संक्रमण का खतरा
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते एक बार फिर गांवों में प्रवासी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। इसे सल्ट क्षेत्र के ग्राम प्रधान चिंतित हैं। उन्होंने गांवों में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ठोस इंतजाम करने की मांग प्रशासन से की है।
प्रधान संगठन तल्ला सल्ट के शिष्टमंडल ने तहसीलदार दलीप सिंह को सौंपा। बताया कि क्षेत्र के गांव में रोज कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रवासी भी बड़ी संख्या में घर लौट रहे हैं। इससे कोरोना का खतरा बढ़ गया है।
आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी कोई मदद नहीं कर रहा है। ऐसे में यदि कोई घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
उन्होंने प्रशासन से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। इनमें हरड़ा तड़ियाल के प्रधान केशव राम, लुहेड़ा की प्रधान कमला देवी, पीनाकोट की प्रधान प्रभा देवी, राधा देवी आदि रहे।
कोरोना संक्रमण के बीच गांव लौट रहे लोगों की करें कड़ी निगरानी
बागेश्वर। कपकोट के एसडीएम प्रमोद कुमार ने कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए सीआरटी, बीआरटी और ग्राम निगरानी समिति की बैठक ली। उन्होंने बाहर से गांव लौट रहे लोगों पर कड़ी नजर रखने और उन्हें अनिवार्य रूप से क्वारंटीन कराने को कहा।
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए गांव लौटने वालों की संख्या बढ़ गई है। जिस तेजी से लोग आ रहे हैं, उसी तेजी से कोरोना संक्रमण भी फैल रहा है। जिला प्रशासन ने बाहर से आने वालों के लिए होम आइसोलेशन अनिवार्य किया है।
इसके बावजूद कई स्थानों पर नियमों का सख्ती से पालन नहीं हो रहा है। इसे देखते हुए एसडीएम ने अधिकारियों और समितियों की बैठक लेकर उन्हें जरूरी निर्देश दिए। कहा कि कोरोना गाइडलाइन के पालन में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
गांव लौट रहे लोगों को होम आइसोलेट करवाने, इस दौरान उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी करने और किसी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल कंट्रोल रूम और नजदीक के अस्पताल में सूचित करने को कहा। बैठक में बीडीओ गंगा गिरी गोस्वामी, तहसीलदार पूजा शर्मा, थानाध्यक्ष मदन लाल सहित निगरानी समितियों के सदस्य मौजूद रहे।