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प्रवासियों को जांच रिपोर्ट आने तक जिला स्तर पर करें क्वारंटीन
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बागेश्वर। ग्राम प्रधान संगठन ने कोरोना काल में घर लौट रहे प्रवासी ग्रामीणों को आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट मिलने तक जिला स्तर पर क्वारंटीन करने और संक्रमित मरीजों को होम क्वारंटीन करने की बजाय कोविड अस्पताल में भर्ती कराने की मांग की है।
ग्राम प्रधान संगठन के सदस्यों ने शनिवार को जिला कार्यालय में प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष केदार महर ने कहा कि कई प्रवासी जांच के समय गलत नाम, पता दर्ज करा रहे हैं। गांव में आकर भी लोग होम क्वारंटीन के नियमों का ईमानदारी से पालन नहीं कर रहे हैं।
कई प्रवासी बरात आदि सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। ग्राम प्रधानों ने गांव आ रहे लोगों के रहने, खाने और सफाई की जिम्मेदारी आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और गांव आ रहे लोगों की सूचना प्रशासन को देने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपने को कहा।
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कहा कि ग्राम प्रधान एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की तरह जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। प्रधानों ने गांवों की बरातों में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का संज्ञान लेने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। इस मौके पर भूपाल ऐरी, प्रताप मेहता, ममता टाकुली, महेश दानू आदि रहे।
पिछला भुगतान होने पर ही जिम्मेदारी लेंगे प्रधान
बागेश्वर। ग्राम प्रधान संगठन ने पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायत से की गई व्यवस्थाओं का पूरा भुगतान कराने की भी मांग की। प्रधानों ने कहा कि लॉकडाउन में ग्राम निगरानी समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए ग्राम प्रधानों ने प्रवासियों के रहने, खाने, सफाई, बिजली की व्यवस्था की थी। जिनके बिलों का आंशिक भुगतान हुआ है। कहा कि जब तक प्रशासन बिलों का पूरा भुगतान नहीं करेगा, ग्राम प्रधान कोरोना रोधी लड़ाई में नई जिम्मेदारी नहीं लेंगे।
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ग्राम प्रधान संगठन के सदस्यों ने शनिवार को जिला कार्यालय में प्रदर्शन किया। संगठन के अध्यक्ष केदार महर ने कहा कि कई प्रवासी जांच के समय गलत नाम, पता दर्ज करा रहे हैं। गांव में आकर भी लोग होम क्वारंटीन के नियमों का ईमानदारी से पालन नहीं कर रहे हैं।
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कई प्रवासी बरात आदि सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी पहुंच रहे हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ रहा है। ग्राम प्रधानों ने गांव आ रहे लोगों के रहने, खाने और सफाई की जिम्मेदारी आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और गांव आ रहे लोगों की सूचना प्रशासन को देने की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपने को कहा।
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कहा कि ग्राम प्रधान एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की तरह जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएंगे। प्रधानों ने गांवों की बरातों में कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन का संज्ञान लेने और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। इस मौके पर भूपाल ऐरी, प्रताप मेहता, ममता टाकुली, महेश दानू आदि रहे।
पिछला भुगतान होने पर ही जिम्मेदारी लेंगे प्रधान
बागेश्वर। ग्राम प्रधान संगठन ने पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान ग्राम पंचायत से की गई व्यवस्थाओं का पूरा भुगतान कराने की भी मांग की। प्रधानों ने कहा कि लॉकडाउन में ग्राम निगरानी समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते हुए ग्राम प्रधानों ने प्रवासियों के रहने, खाने, सफाई, बिजली की व्यवस्था की थी। जिनके बिलों का आंशिक भुगतान हुआ है। कहा कि जब तक प्रशासन बिलों का पूरा भुगतान नहीं करेगा, ग्राम प्रधान कोरोना रोधी लड़ाई में नई जिम्मेदारी नहीं लेंगे।