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कपकोट में 120 एमएम बारिश ने मचाया कहर, कई स्थानों पर दरके पहाड़, चचई में दो पैदल पुल बहे
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बागेश्वर के चचई के सुम्येड़ा में ध्वस्त पुल। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले में बारिश आफत बनकर बरस रही है। कपकोट तहसील क्षेत्र में रविवार की रात और सोमवार की सुबह हुई बारिश से कई गांवों में नुकसान हुआ है। भूस्खलन से कई स्थानों पर पहाड़ दरक रहे हैं। चचई गांव में दो पैदल पुल आपदा की भेंट चढ़ गए हैं। क्षेत्र के कई गांवों में आवासीय भवन, गोशाला और किचन को भी नुकसान हुआ है।
रविवार की रात से सोमवार की सुबह तक जिले में लगातार बारिश होती रही। चचई गांव के पानी धारा और तल्ली में गाड़ गधेरे उफान पर आ गए। पानी का बहाव काफी तेज होने से इन गधेरों पर सुम्येड़ा तोक को जोड़ने के लिए बने दो पैदल पुल बह गए।
तोक के करीब 250 ग्रामीणों का संपर्क गांव से कट गया है। जगथाना गांव के धनाबगड़ तोक को जोड़ने वाला पैदल पुल गधेरे के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे इस तोक में रहने वाले छह परिवारों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
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कपकोट के पोथिंग गांव में नंदा बल्लभ जोशी का किचन मलबे में दब गया और आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। जगथाना के उडियार तोक में भी गधेरे से कटाव होने के कारण घरों को खतरा पैदा हो गया है। अनर्सा और सन गांव में भी भूस्खलन और पहाड़ी दरकने से भारी नुकसान हो रहा है। सन गांव में देवकी देवी की गोशाला ध्वस्त होने से दो गाय और एक बछड़े की मौत हो गई है। चचई के सुम्येड़ा तोक में बकरी बाड़ा और मछली का तालाब ध्वस्त हो गया है।
जगथाना, पुड़कूनी, अनर्सा, सन, गोलना, पोथिंग, चलकाना आदि गांवों में बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। इससे गांव के संपर्क मार्ग पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने की मांग की है।
फसल से लहलहा रहे खेत मलबे से पटे
बागेश्वर। चचई गांव में कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। करीब 50 खेत मलबे से पट गए हैं। भूपाल राम, हरीश राम, बलवंत राम, महेश राम, रमेश राम, गोविंद राम, खीम राम, राजेंद्र प्रसाद, धनी राम, केदार राम आदि के खेतों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि जिन खेतों में कल तक फसल लहलहा रही थी, वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।
अनर्सा-झटक्वाली सड़क पर पलटी पिकअप
बागेश्वर। अनर्सा-झटक्वाली मोटर मार्ग के किनारे खड़ी पिकअप भारी बारिश के बाद सड़क धंसने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रविवार की शाम को पिकअप संख्या यूके 02सीए 0877 का चालक बल राम सन गांव के पास वाहन को सड़क किनारे खड़ा करके घर चला गया। रात के समय तेज बारिश होने से सड़क धंस गई जिसके साथ वाहन भी खेत में पलट गया। हरसीला-पुड़कूनी मोटर मार्ग में भी भारी मलबा आने से एक वाहन फंस गया। कीचड़ में फंसे सवारी वाहन को निकालने में चालक और यात्रियों के पसीने छूट गए।
गोलना में मकानों के आगे से हुआ भूस्खलन, ग्रामीणों ने किया लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन
बागेश्वर। कपकोट के गोलना में भूस्खलन होने से घरों को खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन के लिए ग्रामीणों ने लोनिवि कपकोट को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निरीक्षण करने आए जेई का भी घेराव किया। मकानों के आगे जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
गोलना के ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात तेज बारिश के कारण गांव के आगे सड़क की ओर से भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की जद में आने से मंगल सिंह और कमल सिंह के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। गांव के पास की पहाड़ी दरकने से सड़क पर भी मलबा जमा हो गया। सोमवार की सुबह जेई के नेतृत्व में विभागीय टीम निरीक्षण के लिए पहुंची तो ग्रामीणों ने उनका घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 से सड़क पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग सुनने को तैयार नहीं है। इससे ग्रामीणों को आपदा का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की। इस मौके पर मंगल सिंह शाही, जसवंत सिंह बाफिला, कमल सिंह शाही आदि मौजूद रहे।
बड़ेत के बांसे तोक में भी हालात खराब
बागेश्वर। बारिश से बड़ेत गांव के बांसे तोक में भी नुकसान हो रहा है। ग्राम प्रधान भुवन सिंह ऐठानी ने बताया कि नाचती से बुरुंग-बांसे सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें ठेकेदार ने डंपिंग यार्ड नहीं बनाया है। बारिश होने पर सड़क का मलबा बहकर बांसे तोक के आवासीय घरों के बीच पहुंच रहा है। मलबे से महेश राम और हरीश राम के आवासीय मकान और गुलाब सिंह बड़ती की दुकान भी खतरे की जद में है। ग्रामीणों के खेत भी मलबे से पट गए हैं।
हरसिंग्याबगड़, बड़ेत और नौकोड़ी का संपर्क कटा
बागेश्वर। रेवती नदी के कटाव से सड़क ध्वस्त होने के कारण हरसिंग्याबगड़, बड़ेत, नौकोड़ी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि भानी-हरसिंग्याबगड़-विनायक सड़क पर कुमुद और उलानीधार के पास भी भूस्खलन हो रहा है। इससे शामा होते हुए कपकोट जाने का मार्ग भी ठप है। खारबगड़ के पास सड़क ध्वस्त होने से पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कपकोट में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के कपकोट विकास खंड में सर्वाधिक 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। गरुड़ में 17.50 और बागेश्वर में छह मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 867.50 मीटर तक जा पहुंचा। गोमती नदी भी 863.50 मीटर पर बह रही है। हालांकि नदियां खतरे के निशान 870.70 मीटर से नीचे बह रही हैं।
छह घंटे बाद खुला राज्य मार्ग
जिले में 15 सड़कों पर यातायात बाधित
बागेश्वर। भूस्खलन और मलबा गिरने से बागेश्वर-कपकोट सहित 16 मोटर मार्गों पर यातायात ठप हो गया था। करीब छह घंटे के बाद बागेश्वर-कपकोट राज्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो गया। 15 सड़कों पर अब भी यातायात बाधित है।
आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शामा-नौकोड़ी, धरमघर-माजखेत, मुनार बैंड-सूपी, रिखाड़ी-वाछम, रिखाड़ी-वाछम पार्ट टू, शामा-लीती-गोगिना, हरसीला-नानकन्यालीकोट, हरसीला-पुड़कूनी, कपकोट-तेजम, बिजोरीझाल-ओखलसों, कंधार-लोहागड़ी, कपकोट-गैरखेत, दूणी-सुकंडा, गरुड़-द्यौनाई और भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग पर यातायात के लिए बाधित है। सड़कों के बंद होने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है।
कपकोट के 25 गांवों की बिजली गुल
बागेश्वर। बारिश से बिजली लाइनों को भी नुकसान हो रहा है। कपकोट से कर्मी को जाने वाली 33000 वोल्ट की मुख्य बिजली लाइन पर सोमवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे सरण के पास भूस्खलन होने से चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आने से लाइन ध्वस्त हो गई है।
क्षेत्र के कर्मी, ढोक्टीगांव, सुलमती, फुलवाड़ी, सापूली, गुठन, कर्मी, कर्मी तोली, पुलकुती, विनायक धार, धूर, भगदानू, वाछम, खाती, बदियाकोट, सोराग, तीख, डौला सहित 25 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इधर, झोपड़ा गांव में चार दिन से बिजली गुल है। ग्रामीणों को बिना बिजली के रात गुजारनी पड़ रही है। जंगल से सटा गांव होने के कारण अंधेरे में हिंसक जानवरों के गांव में आने का खतरा भी बढ़ रहा है। मोबाइल फोन रिचार्ज करवाने के लिए लोगों को कपकोट या शामा की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
जगथाना की पेयजल योजना ध्वस्त
बागेश्वर। भूस्खलन की चपेट में आने से कनलगढ़ घाटी के गांव जगथाना की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। लाइन टूटने से गांव के उडियार, खितोली, धरखोला, जेबला, धौड़ागाड़, गौरपातल, सुंदऊ तोक में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द जल संकट दूर करने की मांग की है।
वहीं चचई गांव के सुम्येड़ा तोक की पेयजल योजना भी भारी बारिश की भेंट चढ़ गई है। ग्रामीण धनी आर्या ने बताया कि भूस्खलन और गधेरे के बहाव में कई पाइप बह गए हैं। पानी का धारा और नौला भी टूट गया है। ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। लोगों को गधेरे का दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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रविवार की रात से सोमवार की सुबह तक जिले में लगातार बारिश होती रही। चचई गांव के पानी धारा और तल्ली में गाड़ गधेरे उफान पर आ गए। पानी का बहाव काफी तेज होने से इन गधेरों पर सुम्येड़ा तोक को जोड़ने के लिए बने दो पैदल पुल बह गए।
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तोक के करीब 250 ग्रामीणों का संपर्क गांव से कट गया है। जगथाना गांव के धनाबगड़ तोक को जोड़ने वाला पैदल पुल गधेरे के तेज बहाव से क्षतिग्रस्त हो गया। इससे इस तोक में रहने वाले छह परिवारों को आवाजाही में परेशानी हो रही है।
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कपकोट के पोथिंग गांव में नंदा बल्लभ जोशी का किचन मलबे में दब गया और आवासीय मकान खतरे की जद में आ गया है। जगथाना के उडियार तोक में भी गधेरे से कटाव होने के कारण घरों को खतरा पैदा हो गया है। अनर्सा और सन गांव में भी भूस्खलन और पहाड़ी दरकने से भारी नुकसान हो रहा है। सन गांव में देवकी देवी की गोशाला ध्वस्त होने से दो गाय और एक बछड़े की मौत हो गई है। चचई के सुम्येड़ा तोक में बकरी बाड़ा और मछली का तालाब ध्वस्त हो गया है।
जगथाना, पुड़कूनी, अनर्सा, सन, गोलना, पोथिंग, चलकाना आदि गांवों में बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर भूस्खलन हो रहा है। इससे गांव के संपर्क मार्ग पूरी तरह से नष्ट हो गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने की मांग की है।
फसल से लहलहा रहे खेत मलबे से पटे
बागेश्वर। चचई गांव में कृषि भूमि को नुकसान हुआ है। करीब 50 खेत मलबे से पट गए हैं। भूपाल राम, हरीश राम, बलवंत राम, महेश राम, रमेश राम, गोविंद राम, खीम राम, राजेंद्र प्रसाद, धनी राम, केदार राम आदि के खेतों को नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि जिन खेतों में कल तक फसल लहलहा रही थी, वह मलबे के ढेर में तब्दील हो गए हैं।
अनर्सा-झटक्वाली सड़क पर पलटी पिकअप
बागेश्वर। अनर्सा-झटक्वाली मोटर मार्ग के किनारे खड़ी पिकअप भारी बारिश के बाद सड़क धंसने से दुर्घटनाग्रस्त हो गई। रविवार की शाम को पिकअप संख्या यूके 02सीए 0877 का चालक बल राम सन गांव के पास वाहन को सड़क किनारे खड़ा करके घर चला गया। रात के समय तेज बारिश होने से सड़क धंस गई जिसके साथ वाहन भी खेत में पलट गया। हरसीला-पुड़कूनी मोटर मार्ग में भी भारी मलबा आने से एक वाहन फंस गया। कीचड़ में फंसे सवारी वाहन को निकालने में चालक और यात्रियों के पसीने छूट गए।
गोलना में मकानों के आगे से हुआ भूस्खलन, ग्रामीणों ने किया लोनिवि के खिलाफ प्रदर्शन
बागेश्वर। कपकोट के गोलना में भूस्खलन होने से घरों को खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन के लिए ग्रामीणों ने लोनिवि कपकोट को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने निरीक्षण करने आए जेई का भी घेराव किया। मकानों के आगे जल्द सुरक्षा दीवार का निर्माण नहीं कराने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
गोलना के ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार की रात तेज बारिश के कारण गांव के आगे सड़क की ओर से भूस्खलन हुआ। भूस्खलन की जद में आने से मंगल सिंह और कमल सिंह के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। गांव के पास की पहाड़ी दरकने से सड़क पर भी मलबा जमा हो गया। सोमवार की सुबह जेई के नेतृत्व में विभागीय टीम निरीक्षण के लिए पहुंची तो ग्रामीणों ने उनका घेराव किया और नारेबाजी की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 से सड़क पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की जा रही है, लेकिन विभाग सुनने को तैयार नहीं है। इससे ग्रामीणों को आपदा का दंश झेलना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षा दीवार का निर्माण कराने की मांग की। इस मौके पर मंगल सिंह शाही, जसवंत सिंह बाफिला, कमल सिंह शाही आदि मौजूद रहे।
बड़ेत के बांसे तोक में भी हालात खराब
बागेश्वर। बारिश से बड़ेत गांव के बांसे तोक में भी नुकसान हो रहा है। ग्राम प्रधान भुवन सिंह ऐठानी ने बताया कि नाचती से बुरुंग-बांसे सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। इसमें ठेकेदार ने डंपिंग यार्ड नहीं बनाया है। बारिश होने पर सड़क का मलबा बहकर बांसे तोक के आवासीय घरों के बीच पहुंच रहा है। मलबे से महेश राम और हरीश राम के आवासीय मकान और गुलाब सिंह बड़ती की दुकान भी खतरे की जद में है। ग्रामीणों के खेत भी मलबे से पट गए हैं।
हरसिंग्याबगड़, बड़ेत और नौकोड़ी का संपर्क कटा
बागेश्वर। रेवती नदी के कटाव से सड़क ध्वस्त होने के कारण हरसिंग्याबगड़, बड़ेत, नौकोड़ी सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कटा हुआ है। क्षेत्रवासियों ने बताया कि भानी-हरसिंग्याबगड़-विनायक सड़क पर कुमुद और उलानीधार के पास भी भूस्खलन हो रहा है। इससे शामा होते हुए कपकोट जाने का मार्ग भी ठप है। खारबगड़ के पास सड़क ध्वस्त होने से पैदल चलने वालों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
कपकोट में बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के कपकोट विकास खंड में सर्वाधिक 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। गरुड़ में 17.50 और बागेश्वर में छह मिमी बारिश हुई। भारी बारिश के बाद सरयू नदी का जलस्तर बढ़कर 867.50 मीटर तक जा पहुंचा। गोमती नदी भी 863.50 मीटर पर बह रही है। हालांकि नदियां खतरे के निशान 870.70 मीटर से नीचे बह रही हैं।
छह घंटे बाद खुला राज्य मार्ग
जिले में 15 सड़कों पर यातायात बाधित
बागेश्वर। भूस्खलन और मलबा गिरने से बागेश्वर-कपकोट सहित 16 मोटर मार्गों पर यातायात ठप हो गया था। करीब छह घंटे के बाद बागेश्वर-कपकोट राज्य मार्ग पर यातायात सुचारु हो गया। 15 सड़कों पर अब भी यातायात बाधित है।
आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शामा-नौकोड़ी, धरमघर-माजखेत, मुनार बैंड-सूपी, रिखाड़ी-वाछम, रिखाड़ी-वाछम पार्ट टू, शामा-लीती-गोगिना, हरसीला-नानकन्यालीकोट, हरसीला-पुड़कूनी, कपकोट-तेजम, बिजोरीझाल-ओखलसों, कंधार-लोहागड़ी, कपकोट-गैरखेत, दूणी-सुकंडा, गरुड़-द्यौनाई और भानी-हरसिंग्याबगड़ मोटर मार्ग पर यातायात के लिए बाधित है। सड़कों के बंद होने से करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है।
कपकोट के 25 गांवों की बिजली गुल
बागेश्वर। बारिश से बिजली लाइनों को भी नुकसान हो रहा है। कपकोट से कर्मी को जाने वाली 33000 वोल्ट की मुख्य बिजली लाइन पर सोमवार की सुबह करीब साढ़े तीन बजे सरण के पास भूस्खलन होने से चीड़ का विशाल पेड़ गिर गया। इसकी चपेट में आने से लाइन ध्वस्त हो गई है।
क्षेत्र के कर्मी, ढोक्टीगांव, सुलमती, फुलवाड़ी, सापूली, गुठन, कर्मी, कर्मी तोली, पुलकुती, विनायक धार, धूर, भगदानू, वाछम, खाती, बदियाकोट, सोराग, तीख, डौला सहित 25 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। इधर, झोपड़ा गांव में चार दिन से बिजली गुल है। ग्रामीणों को बिना बिजली के रात गुजारनी पड़ रही है। जंगल से सटा गांव होने के कारण अंधेरे में हिंसक जानवरों के गांव में आने का खतरा भी बढ़ रहा है। मोबाइल फोन रिचार्ज करवाने के लिए लोगों को कपकोट या शामा की दौड़ लगानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जल्द आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है।
जगथाना की पेयजल योजना ध्वस्त
बागेश्वर। भूस्खलन की चपेट में आने से कनलगढ़ घाटी के गांव जगथाना की पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई है। लाइन टूटने से गांव के उडियार, खितोली, धरखोला, जेबला, धौड़ागाड़, गौरपातल, सुंदऊ तोक में पेयजल संकट गहरा गया है। ग्रामीणों ने विभाग से जल्द जल संकट दूर करने की मांग की है।
वहीं चचई गांव के सुम्येड़ा तोक की पेयजल योजना भी भारी बारिश की भेंट चढ़ गई है। ग्रामीण धनी आर्या ने बताया कि भूस्खलन और गधेरे के बहाव में कई पाइप बह गए हैं। पानी का धारा और नौला भी टूट गया है। ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का संकट पैदा हो गया है। लोगों को गधेरे का दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।