UK: आंगन में खेलते बच्चों के बीच से बकरी उठा ले गया तेंदुआ, मासूमों के करीब वन्यजीव के पहुंचने से ग्रामीण सहमे
बागेश्वर के मनकोट और छाती क्षेत्र में तेंदुए की लगातार सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत है।
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बागेश्वर के मनकोट और छाती क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता थमने का नाम नहीं ले रही है। रिहायशी इलाकों में दिनदहाड़े वन्यजीव की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। रविवार को छाती गांव में तेंदुआ घर के आंगन में खेल रहे बच्चों के बीच से बकरी को उठा लिया। गनीमत रही कि इस दौरान बच्चे सुरक्षित बच गए लेकिन पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
छाती गांव निवासी मनोज पांडेय के घर के आंगन में रोज की तरह बकरी बंधी हुई थी। स्कूल में अवकाश होने के कारण आसपास के बच्चे नमन पांडेय, खुशी, रोहित, धीरज, मयंक पांडेय और हर्षिता पांडेय आंगन में खेल रहे थे। इसी दौरान पास की झाड़ियों में छिपा तेंदुआ अचानक घर के आंगन में आया। बच्चों के बिल्कुल नजदीक बंधी बकरी को उठाकर जंगल की ओर भाग गया। बच्चों के बेहद करीब तेंदुए के पहुंचने से ग्रामीणों में भय है।
मनकोट, छाती में डर का माहौल
घटना के बाद मनकोट और छाती के ग्रामीण बच्चों को घर से बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। इससे पहले सात जनवरी को मनकोट के कंपास तोक निवासी देवकी देवी की वन्यजीव के हमले में मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने के लिए पिंजरे, ट्रैप कैमरे और अन्य उपकरण लगाने का दावा किया था लेकिन तेंदुआ अब तक पकड़ से बाहर है।
विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
तेंदुए की लगातार सक्रियता से ग्रामीण अब वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीण प्रमोद पांडेय, हेम पांडेय, महेश चौबे, राजेश पांडेय और मनोज चौबे ने कहा कि दिनदहाड़े आंगन में तेंदुए के आने से अब बच्चों का घर से बाहर निकालना भी दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द ठोस कार्रवाई कर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है।
छाती में तेंदुए की धमक की सूचना मिली है। टीम को मौके के लिए भेज दिया गया है। प्रभावित पशुपालक को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिजरों और ट्रैप कैमरों के स्थान को परिवर्तित किया जाएगा। क्षेत्र में नियमित गश्त की जा रही है। - केवलानंद पांडेय, रेंजर, बागेश्वर