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दो दिन से धधक रहे पिनाथ और भर्तीना के जंगल 15-06-45
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कौसानी (बागेश्वर)। सोमेश्वर वन रेंज के अंतर्गत पिनाथ और भर्तीना के जंगल दो दिन तक जलते रहे। आग की चपेट में आने से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा जल गई। आग से कोसी पुनर्जनन योजना प्रभावित होने की आशंका है।
पिनाथ और भर्तीना के जंगल बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से जुड़े हैं। दोनों जंगल अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर रेंज के अंतर्गत आते हैं। इस जंगल में बड़ी संख्या में चीड़, बांज, बुरांश और अन्य प्रजातियों के पेड़ हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार मंगलवार को भर्तीना और पिनाथ के जंगल में आग लग गई। सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने आग बुझाई। आग की चपेट में आने से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा का नुकसान हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कोसी पुनर्जनन योजना का शिलान्यास किया था। लोगों का कहना है कि इस जंगल में होने वाली वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा तो कोसी पुनर्जनन योजना प्रभावित होगी। वन राजि अधिकारी विशन लाल का कहना है कि भर्तीना के जंगल में आग लगी थी। वनकर्मियों ने खासी मशक्कत से उसे बुझा दी है। पिनाथ के जंगल में आग नहीं लगी है।
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20 बीजीएस 05पी:
पिनाथ और भर्तीना के जंगल बागेश्वर और अल्मोड़ा जिले की सीमा से जुड़े हैं। दोनों जंगल अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर रेंज के अंतर्गत आते हैं। इस जंगल में बड़ी संख्या में चीड़, बांज, बुरांश और अन्य प्रजातियों के पेड़ हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार मंगलवार को भर्तीना और पिनाथ के जंगल में आग लग गई। सूचना मिलने के बाद बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचे वन कर्मियों ने आग बुझाई। आग की चपेट में आने से कई हेक्टेयर क्षेत्रफल में वन संपदा का नुकसान हुआ है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कोसी पुनर्जनन योजना का शिलान्यास किया था। लोगों का कहना है कि इस जंगल में होने वाली वनाग्नि की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगा तो कोसी पुनर्जनन योजना प्रभावित होगी। वन राजि अधिकारी विशन लाल का कहना है कि भर्तीना के जंगल में आग लगी थी। वनकर्मियों ने खासी मशक्कत से उसे बुझा दी है। पिनाथ के जंगल में आग नहीं लगी है।
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20 बीजीएस 05पी: