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ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस संकट गहराया
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:20 AM IST
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बागेश्वर। विकास खंड के ग्रामीण इलाकों में रसोई गैस का संकट गहरा गया है। प्लांट से बागेश्वर गैस सर्विस को सिलिंडरों की पर्याप्त आपूर्ति न होने से नगर के आसपास के गांवों को छोड़कर अधिकांश ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति ठप पड़ी है। ग्रामीण इलाकों में इस वक्त 400 सिलिंडरों का बैकलॉग पहुंच चुका है। रसोई गैस न मिलने से खाना बनाने के लिए ग्रामीणों की लकड़ी पर निर्भरता बढ़ गई है।
पिछले माह से ही बागेश्वर गैस सर्विस में सिलिंडरों की अनियमित आवक हो रही है। रोजाना लगभग तीन गाड़ियों की मांग के इतर प्लांट से एक या दो वाहनों से ही आपूर्ति हो रही है। सितंबर उत्तरार्द्ध से लेकर अक्तूबर के पहले पखवाड़े तक एजेंसी का बैकलॉग 1200 सिलिंडर तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद आपूर्ति बढ़ने से बैकलॉग में कमी आई। एजेंसी ने नगर और आसपास के गांवों में बैकलॉग की भरपाई की। लेकिन ग्रामीण इलाकों की समस्या बरकरार रही। दरअसल अब भी एजेंसी को मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो रही है।
चौतरफा दबाव के बीच एजेंसी ने नगर और आसपास में तो बैकलॉग भर लिया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण अंचलों में लकड़ी, उपले, चीड़ के छिलके आदि परंपरागत ईंधन पर निर्भरता बढ़ गई है। प्रबंधक बीबी तिवारी का कहना है कि बैकलॉग के चलते ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति की चुनौती खड़ी है। रोस्टरवार आपूर्ति की जा रही है। आवक सामान्य होते ही आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
पिछले माह से ही बागेश्वर गैस सर्विस में सिलिंडरों की अनियमित आवक हो रही है। रोजाना लगभग तीन गाड़ियों की मांग के इतर प्लांट से एक या दो वाहनों से ही आपूर्ति हो रही है। सितंबर उत्तरार्द्ध से लेकर अक्तूबर के पहले पखवाड़े तक एजेंसी का बैकलॉग 1200 सिलिंडर तक पहुंच गया था। हालांकि इसके बाद आपूर्ति बढ़ने से बैकलॉग में कमी आई। एजेंसी ने नगर और आसपास के गांवों में बैकलॉग की भरपाई की। लेकिन ग्रामीण इलाकों की समस्या बरकरार रही। दरअसल अब भी एजेंसी को मांग के मुताबिक आपूर्ति नहीं हो रही है।
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चौतरफा दबाव के बीच एजेंसी ने नगर और आसपास में तो बैकलॉग भर लिया है। लेकिन ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे ग्रामीण अंचलों में लकड़ी, उपले, चीड़ के छिलके आदि परंपरागत ईंधन पर निर्भरता बढ़ गई है। प्रबंधक बीबी तिवारी का कहना है कि बैकलॉग के चलते ग्रामीण इलाकों में आपूर्ति की चुनौती खड़ी है। रोस्टरवार आपूर्ति की जा रही है। आवक सामान्य होते ही आपूर्ति सुचारु हो जाएगी।
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