{"_id":"5b3e620a4f1c1bc1248b4bbf","slug":"71530814986-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई ठप, धान की फसल सूखने के कगार पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई ठप, धान की फसल सूखने के कगार पर
Updated Thu, 05 Jul 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिले के अन्य क्षेत्रों की तरह कमोवेश आरे में भी सिंचाई ठप पड़ी है। खेतों को सिंचाई के लिए पानी नसीब नहीं हो रहा है। नतीजतन सैकड़ों हेक्टेयर भूमि पर खड़ी धान की फसल सूखने की कगार पर आ गई है। बारिश के रूठने और सिंचाई विभाग के बंदोबस्त फेल होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरा गई हैं।
बृहस्पतिवार को चिंतित किसानों का सब्र जवाब दे गया। आरे के किसान एकजुट हुए और मुख्यालय स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इस बीच किसानों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि मानसून की बारिश रूठी हुई है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग की नहर भी सूखी है। खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल सूखने को है।
ऐसा हुआ तो उन्हें खाने तक के लाले पड़ जाएंगे। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि विभाग नहरों के रखरखाव के प्रति लापरवाही बरत रहा है। बार-बार गुहार के बाद भी विभाग अपने काम में संजीदा नहीं है। उन्होंने जल्द सिंचाई सुचारु न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। इस दौरान दीपक खेतवाल, कमला खेतवाल, कला देवी, कुंती देवी, खिमुली देवी, रेवती देवी, मुन्नी देवी, राधिका देवी, सरस्वती देवी, आशा खेतवाल, ज्योति गढ़िया, भूपेश खेतवाल, नारायण सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विभाग ने शनिवार की मोहलत मांगी
सिंचाई विभाग ने आपूर्ति सुचारु करने के लिए किसानों से शनिवार तक की मोहलत मांगी है। विभाग के भरोसे के बाद ही किसान धरने से उठे। जेई भाष्कर बसवाल का कहना है कि नहरें मलबे से पटी हैं। इसके चलते पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। शनिवार तक विभाग नहरों की सफाई के साथ ही आपूर्ति बहाल कर देगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को चिंतित किसानों का सब्र जवाब दे गया। आरे के किसान एकजुट हुए और मुख्यालय स्थित सिंचाई विभाग के कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इस बीच किसानों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। कहा कि मानसून की बारिश रूठी हुई है। दूसरी ओर सिंचाई विभाग की नहर भी सूखी है। खेतों को पानी नहीं मिल पा रहा है। सैकड़ों हेक्टेयर में खड़ी धान की फसल सूखने को है।
विज्ञापन
ऐसा हुआ तो उन्हें खाने तक के लाले पड़ जाएंगे। किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। कहा कि विभाग नहरों के रखरखाव के प्रति लापरवाही बरत रहा है। बार-बार गुहार के बाद भी विभाग अपने काम में संजीदा नहीं है। उन्होंने जल्द सिंचाई सुचारु न होने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी। इस दौरान दीपक खेतवाल, कमला खेतवाल, कला देवी, कुंती देवी, खिमुली देवी, रेवती देवी, मुन्नी देवी, राधिका देवी, सरस्वती देवी, आशा खेतवाल, ज्योति गढ़िया, भूपेश खेतवाल, नारायण सिंह आदि थे।
विज्ञापन
विभाग ने शनिवार की मोहलत मांगी
सिंचाई विभाग ने आपूर्ति सुचारु करने के लिए किसानों से शनिवार तक की मोहलत मांगी है। विभाग के भरोसे के बाद ही किसान धरने से उठे। जेई भाष्कर बसवाल का कहना है कि नहरें मलबे से पटी हैं। इसके चलते पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। शनिवार तक विभाग नहरों की सफाई के साथ ही आपूर्ति बहाल कर देगा।