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महिला सशक्तिकरण के लिए नजीर बनी पल्लवी
Updated Tue, 09 Oct 2018 11:35 PM IST
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बागेश्वर। महज 16 साल की उम्र में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार हासिल करने वाली बागेश्वर की ताइक्वांडो खिलाड़ी पल्लवी महिला सशक्तीकरण के लिए नजीर है। कड़ी मेहनत के बूते पल्लवी ने अपना लोहा मनवाया। अपने प्रदर्शन और उपलब्धि से उन्होंने दूसरी छात्राओं, महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी है।
बागेश्वर के बड़ेत निवासी मोहन उप्रेती की बेटी पल्लवी का बचपन से ही खेल की ओर रुझान रहा। अभिभावकों ने उसे पहली कक्षा से ही ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिलाना शुरू कर दिया था। कड़ी मेहनत और लगन के बूते पल्लवी उत्तराखंड में इस खेल की सिरमौर भी बनीं। राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम पर 12 स्वर्ण समेत कुल 13 पदक दर्ज हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक स्वर्ण, दो रजत समेत नौ पदक पल्लवी के खातेे में हैं। पल्लवी की इस उपलब्धि को देखते हुए ही उन्हें इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार दिया गया। पल्लवी ने बताया कि वे रोजाना घंटों खेल का अभ्यास करतीं हैं। उनका लक्ष्य अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है।
खेल के साथ पढ़ाई में भी है आगे
बागेश्वर। पल्लवी खेल के साथ ही पढ़ाई में भी आगे हैं। वह मंडलसेरा विवेकानंद विद्यालय में कक्षा 12वीं की जीव विज्ञान की छात्रा है। पल्लवी इंटर के बाद मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है। वह चिकित्सक बनकर सेना से जुड़कर देश सेवा करना चाहती है। वह मेडिकल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटी है।
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बागेश्वर के बड़ेत निवासी मोहन उप्रेती की बेटी पल्लवी का बचपन से ही खेल की ओर रुझान रहा। अभिभावकों ने उसे पहली कक्षा से ही ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिलाना शुरू कर दिया था। कड़ी मेहनत और लगन के बूते पल्लवी उत्तराखंड में इस खेल की सिरमौर भी बनीं। राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में उनके नाम पर 12 स्वर्ण समेत कुल 13 पदक दर्ज हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में एक स्वर्ण, दो रजत समेत नौ पदक पल्लवी के खातेे में हैं। पल्लवी की इस उपलब्धि को देखते हुए ही उन्हें इस वर्ष तीलू रौतेली पुरस्कार दिया गया। पल्लवी ने बताया कि वे रोजाना घंटों खेल का अभ्यास करतीं हैं। उनका लक्ष्य अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है।
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खेल के साथ पढ़ाई में भी है आगे
बागेश्वर। पल्लवी खेल के साथ ही पढ़ाई में भी आगे हैं। वह मंडलसेरा विवेकानंद विद्यालय में कक्षा 12वीं की जीव विज्ञान की छात्रा है। पल्लवी इंटर के बाद मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती है। वह चिकित्सक बनकर सेना से जुड़कर देश सेवा करना चाहती है। वह मेडिकल प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में जुटी है।
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