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5800 मीटर ऊंची दुर्गाकोट चोटी को फतह करेंगे कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के पर्वतारोही
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बागेश्वर के दुर्गाकोट माउंट अभियान के लिए रेकी करने आई टीम और गाइड। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले के प्रसिद्ध ट्रैकिंग रूट सुंदरढूंगा ग्लेशियर पर इसी सप्ताह कुमाऊं और नागा रेजीमेंट का दल पर्वतारोहण के लिए आने वाला है। अभियान के तहत संयुक्त दल ग्लेशियर की 5800 मीटर ऊंची दुर्गाकोट चोटी को फतह करेगा। ग्लेशियरों में आवाजाही बढ़ने से क्षेत्रवासियों को भी रोजगार के साधन मुहैैया होंगे।
कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के संयुक्त अभियान को लेकर टीम लीडर अशोक कुमार और हवलदार बलवंत सिंह ने स्थानीय गाइड और पर्वतारोही चामू सिंह के साथ क्षेत्र की रेकी की है। गाइड चामू सिंह ने बताया कि रेकी करने के लिए टीम 23 अप्रैल को यहां आई थी। वे भी टीम के साथ गए और कठलिया तक जाकर अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि अभियान रानीखेत से शुरू होगा। पहले दिन टीम खाती गांव में पड़ाव डालेगी। दूसरे दिन जांतोली के लिए रवाना होगी। कठलिया, बैलुनी होते हुए टीम सुखराम में बेस कैंप बनाएगी और यहां से ट्रैकिंग की शुरूआत होगी। टीम मौसम और वहां के हालात के अनुसार आगे का सफर करेेगी और माउंट दुर्गाकोट को फतह करने का प्रयास करेगी।
ट्रैकरों के आने से क्षेत्र को मिलेगा लाभ
बागेश्वर। गाइड और पर्वतारोही चामू सिंह का कहना है कि खाती, वाछम, जांतोली के अधिकांश लोगों की आजीविका ग्लेशियरों की सैर पर आने वाले ट्रैकरों और पर्यटकों पर निर्भर करती है। कोविड के कारण क्षेत्रवासियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार अच्छी संख्या में ट्रैकरों के आने की उम्मीद है। आशा है कि सेना का अभियान ट्रैकिंग को बढ़ाने में सहायक होगा और क्षेत्र के पोर्टर, गाइड सहित अन्य कारोबारियों को इसका फायदा मिलेगा।
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कुमाऊं रेजीमेंट और नागा रेजीमेंट का संयुक्त दल मई के प्रथम सप्ताह में सुंदरढूंगा क्षेत्र के माउंट दुर्गाकोट के अभियान पर आने वाला है। उनके अभियान की सूचना प्रशासन के पास है, हालांकि अभी तक उनके आने की तिथि स्पष्ट नहीं है।
कीर्ति चंद्र आर्या, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर
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कुमाऊं और नागा रेजीमेंट के संयुक्त अभियान को लेकर टीम लीडर अशोक कुमार और हवलदार बलवंत सिंह ने स्थानीय गाइड और पर्वतारोही चामू सिंह के साथ क्षेत्र की रेकी की है। गाइड चामू सिंह ने बताया कि रेकी करने के लिए टीम 23 अप्रैल को यहां आई थी। वे भी टीम के साथ गए और कठलिया तक जाकर अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। उन्होंने बताया कि अभियान रानीखेत से शुरू होगा। पहले दिन टीम खाती गांव में पड़ाव डालेगी। दूसरे दिन जांतोली के लिए रवाना होगी। कठलिया, बैलुनी होते हुए टीम सुखराम में बेस कैंप बनाएगी और यहां से ट्रैकिंग की शुरूआत होगी। टीम मौसम और वहां के हालात के अनुसार आगे का सफर करेेगी और माउंट दुर्गाकोट को फतह करने का प्रयास करेगी।
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ट्रैकरों के आने से क्षेत्र को मिलेगा लाभ
बागेश्वर। गाइड और पर्वतारोही चामू सिंह का कहना है कि खाती, वाछम, जांतोली के अधिकांश लोगों की आजीविका ग्लेशियरों की सैर पर आने वाले ट्रैकरों और पर्यटकों पर निर्भर करती है। कोविड के कारण क्षेत्रवासियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इस बार अच्छी संख्या में ट्रैकरों के आने की उम्मीद है। आशा है कि सेना का अभियान ट्रैकिंग को बढ़ाने में सहायक होगा और क्षेत्र के पोर्टर, गाइड सहित अन्य कारोबारियों को इसका फायदा मिलेगा।
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कुमाऊं रेजीमेंट और नागा रेजीमेंट का संयुक्त दल मई के प्रथम सप्ताह में सुंदरढूंगा क्षेत्र के माउंट दुर्गाकोट के अभियान पर आने वाला है। उनके अभियान की सूचना प्रशासन के पास है, हालांकि अभी तक उनके आने की तिथि स्पष्ट नहीं है।
कीर्ति चंद्र आर्या, जिला पर्यटन अधिकारी, बागेश्वर