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हादसे का सबब बने झूलते बिजली के तार
Updated Fri, 17 Aug 2018 11:34 PM IST
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बागेश्वर। कठपुड़ियाछीना में बिजली के झूलते तार लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। इसके बाद भी यूपीसीएल झूलते तारों को ठीक करने के प्रति लापरवाही बरत रहा है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी है।
क्षेत्र के सुतर गांव और बेहर गांव में जगह-जगह बिजली के झूलते तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। जगह-जगह पोल क्षतिग्रस्त ग्रामीण विभाग से लाइनों की मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन विभागीय अभियंता और कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। अभी तक यूपीसीएल ने क्षतिग्रस्त लाइनों की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई है। बेहर गांव में हरीश चंद्र और सुतर गांव में पनीराम, केवलानंद के मकान के पास झूलते तार कभी भी किसी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।
दुर्घटना की आंशका के बीच विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी पनप रही है। बता दें कि सुतर गांव में पिछले साल झूलते तारों की चपेट में आकर एक महिला की मौत भी हो चुकी है। विगत बुधवार को कपकोट में भी करंट लगने से एक छात्र की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने यूपीसीएल से जल्द क्षतिग्रस्त पोलों और बिजली लाइनों की मरम्मत की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इस मामले में ईई भाष्कर पांडे का कहना है कि जेई को मौके के निरीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जरुरी कदम उठाएं जाएंगे।
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धरमघर में भी खतरा बने हुए हैं झूलते तार
बागेश्वर। धरमघर में भी बिजली के झूलते तार खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों ने यूपीसीएल से जल्द ही इनको बदलने की मांग की है। क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली पोल बदहाल हैं। कई पोल आड़े-तिरछे होने से तार नीचे लटक रहे हैं। आवाजाही के दौरान ग्रामीणों के इन तारों की चपेट में आने की आंशका बनी है। इसके बाद भी ऊर्जा निगम द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ब्यूरो
क्षेत्र के सुतर गांव और बेहर गांव में जगह-जगह बिजली के झूलते तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। जगह-जगह पोल क्षतिग्रस्त ग्रामीण विभाग से लाइनों की मरम्मत की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन विभागीय अभियंता और कर्मचारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। अभी तक यूपीसीएल ने क्षतिग्रस्त लाइनों की सुध लेने की जहमत नहीं उठाई है। बेहर गांव में हरीश चंद्र और सुतर गांव में पनीराम, केवलानंद के मकान के पास झूलते तार कभी भी किसी दुर्घटना का सबब बन सकते हैं।
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दुर्घटना की आंशका के बीच विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी पनप रही है। बता दें कि सुतर गांव में पिछले साल झूलते तारों की चपेट में आकर एक महिला की मौत भी हो चुकी है। विगत बुधवार को कपकोट में भी करंट लगने से एक छात्र की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने यूपीसीएल से जल्द क्षतिग्रस्त पोलों और बिजली लाइनों की मरम्मत की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने आंदोलन की चेतावनी भी दी है। इस मामले में ईई भाष्कर पांडे का कहना है कि जेई को मौके के निरीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इसके बाद जरुरी कदम उठाएं जाएंगे।
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धरमघर में भी खतरा बने हुए हैं झूलते तार
बागेश्वर। धरमघर में भी बिजली के झूलते तार खतरा बने हुए हैं। ग्रामीणों ने यूपीसीएल से जल्द ही इनको बदलने की मांग की है। क्षेत्र के कई ग्रामीण इलाकों में बिजली पोल बदहाल हैं। कई पोल आड़े-तिरछे होने से तार नीचे लटक रहे हैं। आवाजाही के दौरान ग्रामीणों के इन तारों की चपेट में आने की आंशका बनी है। इसके बाद भी ऊर्जा निगम द्वारा इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। ब्यूरो