{"_id":"596cf1fc4f1c1bf7708b465c","slug":"51500312060-bageshwar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ठेकेदारों ने निर्माण एजेंसियों में तालाबंदी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ठेकेदारों ने निर्माण एजेंसियों में तालाबंदी की
Updated Mon, 17 Jul 2017 10:51 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। राजकीय ठेकेदारों को लंबे समय से निर्माण कार्यों का भुगतान नहीं हो सका है। गुस्साए ठेकेदारों ने सोमवार को लोनिवि समेत अन्य निर्माण एजेंसियों में ताले जड़ दिए। वक्ताओं ने भुगतान समेत अन्य मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है।
सोमवार सुबह ठेकेदार पर्वतीय कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की जिला इकाई के बैनर तले लोनिवि के विश्राम गृह में एकत्र हुए। यहां से नारेेबाजी करते हुए ठेकेदार लोनिवि प्रांतीय खंड कार्यालय में पहुंचे और दफ्तर में तालाबंदी कर दी। इसके बाद उन्होंने अन्य निर्माण एजेंसियों में भी तालाबंदी कर दी। वक्ताओं ने कहा कि जीएसटी लागू करने के बाद भुगतान पर दो महीने की रोक लगाने की कार्यवाही निंदनीय है।
कहा कि यदि ठेेकेदारों के भुगतान पर रोक लग सकती है तो मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन पर भी रोक लगनी चाहिए। रॉयल्टी की दरों को संशोधित करने, छोटे ठेकेदारों को रोजगार देने, जमानत राशि का शीघ्र भुगतान करने, अनुबंधों के तहत हुए कामों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश पाठक के नेतृत्व में की गई तालाबंदी और सभा में संरक्षक हीरा बल्लभ भट्ट, महामंत्री संजय नेगी, किशन लुम्याल, प्रकाश राम, नर सिंह, हरीश राणा, नीमा धपोला, रवि गढ़िया और गोविंद भट्ट सुरेश खेतवाल, रमेश तिवारी आदि थे।
विज्ञापन
सोमवार सुबह ठेकेदार पर्वतीय कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की जिला इकाई के बैनर तले लोनिवि के विश्राम गृह में एकत्र हुए। यहां से नारेेबाजी करते हुए ठेकेदार लोनिवि प्रांतीय खंड कार्यालय में पहुंचे और दफ्तर में तालाबंदी कर दी। इसके बाद उन्होंने अन्य निर्माण एजेंसियों में भी तालाबंदी कर दी। वक्ताओं ने कहा कि जीएसटी लागू करने के बाद भुगतान पर दो महीने की रोक लगाने की कार्यवाही निंदनीय है।
विज्ञापन
कहा कि यदि ठेेकेदारों के भुगतान पर रोक लग सकती है तो मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन पर भी रोक लगनी चाहिए। रॉयल्टी की दरों को संशोधित करने, छोटे ठेकेदारों को रोजगार देने, जमानत राशि का शीघ्र भुगतान करने, अनुबंधों के तहत हुए कामों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की गई। चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विज्ञापन
संघ के जिलाध्यक्ष जगदीश पाठक के नेतृत्व में की गई तालाबंदी और सभा में संरक्षक हीरा बल्लभ भट्ट, महामंत्री संजय नेगी, किशन लुम्याल, प्रकाश राम, नर सिंह, हरीश राणा, नीमा धपोला, रवि गढ़िया और गोविंद भट्ट सुरेश खेतवाल, रमेश तिवारी आदि थे।