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कपकोट में 45 मिमी बारिश, सात मोटर मार्गों पर ठप रहा यातायात
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बागेश्वर के आरे में पहाड़ी से मोटर मार्ग पर गिरते पत्थर। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिले में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के बंद होने से दिक्कतें अधिक बढ़ गई हैं। सात मोटरमार्गों पर यातायात ठप होने से 15 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो गई है।
शनिवार की रात से जिले में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण आरे के पास मोटर मार्ग में पत्थर गिर रहे हैं। पत्थर गिरने से कुछ घंटे मोटर मार्ग बाधित भी रहा। मंगलवार को भयूं-गुलेर, कमेड़ीदेवी-भैसुड़ी, कपकोट-कर्मी, शामा-लीती-गोगिना, सूपी, बघर और लीती मोटरमार्ग मलबा आने से बंद रहे। ग्रामीण सड़कों पर यातायात ठप होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें जरूरी काम निपटाने तहसील कार्यालय आने में कई किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। खस्ताहाल सड़कों ने भी लोगों की परेशानी में इजाफा किया है।
24 घंटे के दौरान हुई बारिश
बागेश्वर। कपकोट तहसील में सोमवार से मंगलवार की सुबह आठ बजे तक 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बागेश्वर विकास खंड में 17.50 और गरुड़ में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण सरयू और गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 866.10 मीटर और गोमती का 861 मीटर रहा।
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जल पुलिस कर रही सतर्क
बागेश्वर। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद जल पुलिस की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। जल पुलिस के जवान नदी किनारे जाने से लोगों को रोक रहे हैं। लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी से दूर रहने की अपील की जा रही है।
समडर का प्राथमिक विद्यालय हुआ बदहाल
बागेश्वर। कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव बोरबलड़ा के समडर तोक में बना प्राथमिक विद्यालय बदहाल हो गया है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि मोटर मार्ग से करीब 20 किमी दूर बसे इस विद्यालय में 24 बच्चे पढ़ते हैं। इसके बावजूद विद्यालय की सुध नहीं ली जा रही है। विद्यालय का भवन जर्जर हो गया है। मानसूनी बारिश का पानी भवन के भीतर घुस रहा है। भवन के दरवाजे और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। यहां लावारिस पशु घुस रहे हैं। शिक्षा विभाग को ग्रामीण कई बार ग्रामीण समस्या बता चुके हैं। इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द विद्यालय की सुुध नहीं ली तो बारिश के मौसम में भवन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
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शनिवार की रात से जिले में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण आरे के पास मोटर मार्ग में पत्थर गिर रहे हैं। पत्थर गिरने से कुछ घंटे मोटर मार्ग बाधित भी रहा। मंगलवार को भयूं-गुलेर, कमेड़ीदेवी-भैसुड़ी, कपकोट-कर्मी, शामा-लीती-गोगिना, सूपी, बघर और लीती मोटरमार्ग मलबा आने से बंद रहे। ग्रामीण सड़कों पर यातायात ठप होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। उन्हें जरूरी काम निपटाने तहसील कार्यालय आने में कई किमी की दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। खस्ताहाल सड़कों ने भी लोगों की परेशानी में इजाफा किया है।
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24 घंटे के दौरान हुई बारिश
बागेश्वर। कपकोट तहसील में सोमवार से मंगलवार की सुबह आठ बजे तक 45 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। बागेश्वर विकास खंड में 17.50 और गरुड़ में 25 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण सरयू और गोमती नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। मंगलवार को सरयू नदी का जलस्तर 866.10 मीटर और गोमती का 861 मीटर रहा।
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जल पुलिस कर रही सतर्क
बागेश्वर। बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद जल पुलिस की जिम्मेदारी अधिक बढ़ गई है। जल पुलिस के जवान नदी किनारे जाने से लोगों को रोक रहे हैं। लाउडस्पीकर के माध्यम से नदी से दूर रहने की अपील की जा रही है।
समडर का प्राथमिक विद्यालय हुआ बदहाल
बागेश्वर। कपकोट तहसील के दूरस्थ गांव बोरबलड़ा के समडर तोक में बना प्राथमिक विद्यालय बदहाल हो गया है। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि मोटर मार्ग से करीब 20 किमी दूर बसे इस विद्यालय में 24 बच्चे पढ़ते हैं। इसके बावजूद विद्यालय की सुध नहीं ली जा रही है। विद्यालय का भवन जर्जर हो गया है। मानसूनी बारिश का पानी भवन के भीतर घुस रहा है। भवन के दरवाजे और दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। यहां लावारिस पशु घुस रहे हैं। शिक्षा विभाग को ग्रामीण कई बार ग्रामीण समस्या बता चुके हैं। इसके बावजूद हालात नहीं सुधर रहे। कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द विद्यालय की सुुध नहीं ली तो बारिश के मौसम में भवन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।