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30 हजार आबादी की मुश्किल बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Sun, 29 Jul 2018 11:43 PM IST
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कपकोट विकास खंड में आपदा से क्षतिग्रस्त सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। बारिश के साथ आए मलबे और भूस्खलन के चलते जिले के छह मोटर मार्ग बंद रहे। इससे मोटर मार्ग पर आवाजाही के लिए निर्भर 30 हजार की आबादी की मुश्किलें और बढ़ गई। अधिकांश ग्रामीण अपने गांवों में ही कैद होकर रह गए हैं। बारिश और मलबा आने से जिले में यातायात के साथ ही पेयजल योजनाओं की भी कमर टूट गई है।
रविवार को भी बागेश्वर से लेकर कपकोट और गरुड़ विकास खंड तक बादल बरसे। इससे पहले पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश हुई। इससे नदियां और गाड़, गधेरे उफान पर हैं। सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। दूसरी ओर बारिश के पानी के साथ आए मलबे से ग्रामीण इलाकों में कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जगह-जगह पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हो गई है। बागेश्वर में उफनाई सरयू में काफी सिल्ट आया। इसके चलते पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित हुआ।
बारिश से कपकोट-पिंडारी, भयू-गुलेर, खड़लेख-भनार, जौलकांडे- लेटी, जैसर-स्यूनीलखमार बंद है। इन मार्गों पर जगह-जगह मलबा आया हुआ है। । मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो गई है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कार्यदायी संस्थाएं बंद सड़कों को खोलने में जुटी हैं।
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उधर, कपकोट में उफनाई सरयू भराड़ी बाजार की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। नदी का पानी किनारे की जमीन काट रहा है। भराड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी के परिसर के पीछे बाढ़ से चट्टान खिसक रही है। नदी के उफान पर होने से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे परिजन खौफ में आ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा बंदोबस्त करने की मांग की है।
रविवार को भी बागेश्वर से लेकर कपकोट और गरुड़ विकास खंड तक बादल बरसे। इससे पहले पिछले 24 घंटों में अच्छी बारिश हुई। इससे नदियां और गाड़, गधेरे उफान पर हैं। सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। दूसरी ओर बारिश के पानी के साथ आए मलबे से ग्रामीण इलाकों में कई पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जगह-जगह पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त होने से आपूर्ति बाधित हो गई है। बागेश्वर में उफनाई सरयू में काफी सिल्ट आया। इसके चलते पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित हुआ।
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बारिश से कपकोट-पिंडारी, भयू-गुलेर, खड़लेख-भनार, जौलकांडे- लेटी, जैसर-स्यूनीलखमार बंद है। इन मार्गों पर जगह-जगह मलबा आया हुआ है। । मार्ग बंद होने से ग्रामीणों की आवाजाही बाधित हो गई है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि कार्यदायी संस्थाएं बंद सड़कों को खोलने में जुटी हैं।
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उधर, कपकोट में उफनाई सरयू भराड़ी बाजार की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। नदी का पानी किनारे की जमीन काट रहा है। भराड़ी व्यापार मंडल अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी के परिसर के पीछे बाढ़ से चट्टान खिसक रही है। नदी के उफान पर होने से सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे परिजन खौफ में आ गए हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा बंदोबस्त करने की मांग की है।