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किसानों ने श्रम दान कर बनाया 30 मीटर लंबा तटबंध
Sun, 19 May 2019 11:28 PM IST
दीपक नेगी
बागेश्वर।
बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sun, 19 May 2019 11:28 PM IST
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कपकोट में नदी पर श्रमदान करके तटबंध बनाते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
कपकोट में किसानों ने श्रम दान कर एक ही दिन में 30 मीटर लंबा तटबंध तैयार कर सिंचाई विभाग को आइना दिखाया है। सिंचाई विभाग इस तटबंध के लिए किसानों को लंबे समय से टरका रहा था।
कपकोट के बेलंग नदी की लोअर नहर में तटबंध नहीं बना है। इस वजह से नदी में पानी की मात्रा कम रहती है। वहीं खरीफ की फसलों की बुआई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सिंचाई विभाग से तटबंध बनाने की मांग की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इससे गुस्साए महिलाओं समेत 200 किसान रविवार को हाथों में फावड़ा, बेल्चे, गैंती लेकर नदी के मुहाने पर पहुंच गए। उन्होंने तीन घंटे का श्रमदान कर 30 मीटर लंबा तटबंध तैयार कर दिया। नहर की सफाई भी की।
सूचना मिलने एसडीएम प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। एसडीएम ने अधिकारियों को मनरेगा से तटबंध बनाने, भंडारी गांव के समीप नहर में लोहे की जालीदार पटाल डालने, क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करने, सात दिन में अपर नहर में पानी चालू करने के निर्देश दिए। बाद में सिंचाई जेई तरुण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तटबंध के लिए 12 लाख रुपये का बजट मिला है। ठेकेदार न मिलने से काम रुका था। उन्होंने बताया कि अपर नहर के लिए भी चार लाख रुपये का प्रस्ताव है। फिलहाल नहर के रखरखाव के लिए सीजनल बेलदार की नियुक्ति की गई है।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नहर की मरम्मत नहीं की गई तो उग्र आंदोलन होगा। श्रमदान करने वालों में पूरन कपकोटी, तारा कपकोटी, दरबान सिंह, गणेश उपाध्याय, चंद्र सिंह, जमन सिंह बिष्ट, बलवंत कपकोटी, राजेंद्र कपकोटी, रामचंद्र जोशी, गोविंदी, बचुली, पुष्पा, रेवती, हारुली, खष्टी, हेमा, प्रेमा, पान सिंह आदि शामिल थे।
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कपकोट के बेलंग नदी की लोअर नहर में तटबंध नहीं बना है। इस वजह से नदी में पानी की मात्रा कम रहती है। वहीं खरीफ की फसलों की बुआई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने सिंचाई विभाग से तटबंध बनाने की मांग की, लेकिन कोई असर नहीं हुआ। इससे गुस्साए महिलाओं समेत 200 किसान रविवार को हाथों में फावड़ा, बेल्चे, गैंती लेकर नदी के मुहाने पर पहुंच गए। उन्होंने तीन घंटे का श्रमदान कर 30 मीटर लंबा तटबंध तैयार कर दिया। नहर की सफाई भी की।
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सूचना मिलने एसडीएम प्रमोद कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। एसडीएम ने अधिकारियों को मनरेगा से तटबंध बनाने, भंडारी गांव के समीप नहर में लोहे की जालीदार पटाल डालने, क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत करने, सात दिन में अपर नहर में पानी चालू करने के निर्देश दिए। बाद में सिंचाई जेई तरुण मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तटबंध के लिए 12 लाख रुपये का बजट मिला है। ठेकेदार न मिलने से काम रुका था। उन्होंने बताया कि अपर नहर के लिए भी चार लाख रुपये का प्रस्ताव है। फिलहाल नहर के रखरखाव के लिए सीजनल बेलदार की नियुक्ति की गई है।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द नहर की मरम्मत नहीं की गई तो उग्र आंदोलन होगा। श्रमदान करने वालों में पूरन कपकोटी, तारा कपकोटी, दरबान सिंह, गणेश उपाध्याय, चंद्र सिंह, जमन सिंह बिष्ट, बलवंत कपकोटी, राजेंद्र कपकोटी, रामचंद्र जोशी, गोविंदी, बचुली, पुष्पा, रेवती, हारुली, खष्टी, हेमा, प्रेमा, पान सिंह आदि शामिल थे।